जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

जीवन जीने की कला मानस से मिलती है

जबलपुर दर्पण। जबलपुर श्री रामकथा की श्रृंखला के तृतीय दिवस आधुनिक सामुदायिक भवन बाई का बगीचा परिसर में राष्ट्र की प्रख्यात मानस मर्मज्ञ, युग तुलसी पं.रामकिंकर जी उपाध्याय की मानस पुत्री डॉ. मंदाकिनी दीदी माँ ने आज के मानस मंथन में श्रेताओं को जिस नवनीत का रसास्वादन कराया उसे पाकर श्रद्धालु महिला-पुरूष अभिभूत हो गये।

धर्मपरायण स्व. बाबू शिवलाल घनघोरिया जी की पुण्य स्मृति में विधायक श्री लखन घनघोरिया के संयोजन में आयोजित श्री राम कथा शुभांरभ के पूर्व व्यास पूजन एवं कथा व्यास विदुषी सुश्री मंदाकिनी जी का स्वागत किया ।विश्व विख्यात युग तुलसी की मानस पुत्री विदुषी सुश्री मंदाकिनी दीदी माँ ने अत्यंत सरस, ममतामयी वाणी से श्रीराम की कथा को विस्तार देते हुए बताया कि प्रभु श्री राम द्वारा सामाजिक स्तर पर सर्वोच्च स्थिति उपलब्ध हुई है, जिसे हम राम राज्य कहते हैं।

दीदी माँ ने बताया कि हनुमानलला जी ऐसे अवतार है जो त्रेता, द्वापर और कलियुग के साथ इस प्रागंण में भी उपस्थित है। हनुमान जी के चरित्र, प्राकट्य महिमा आदि पर सविस्तार प्रकाश डालते हुए आगे कहा कि हनुमान जी वास्तव में किशोरी जी से ‘पुत्र’ कहने पर अत्यंत गद्गद हो जाते हैं। हनुमान जी को अभिमान स्पर्श भी नहीं करता। वे वायु पुत्र हैं। जीवन प्राण वायु से ही संभव है किंतु वे इसे सेवा मानते हैं। हनुमान जी सच्चे कर्मयोगी हैं।ईश्वर सर्वव्यापी है। उसे देखने के लिए हनुमान जी जैसा विश्वास और भक्ति चाहिए ज्ञानमार्ग का साधन ज्ञान और वैराग्य की दृष्टि चाहिए।रामकथा के आरंभ में हजारों सुधि श्रोताओं के साथ ही विधायक विनय सक्सेना, महेश केमतानी, राजेन्द्र यादव, शंभू दयाल बड़ेरिया, सत्येन्द्र पटेल, राम दुबे, विजय सरावगी, सुनील खत्री, दिनेश यादव, सुनील जैन, जमुना पटेल, चतुर सिंह, सुश्री मधु यादव, कमलेश रावत, राजेश मिश्रा, जयराम घनघोरिया, ब्रह्मनंद घनघोरिया, सत्येन्द्र जैन, आदि ने आरती में भाग लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88