सर्व मंगल की कामना ही श्रीकृष्ण लीला : स्वामी अशोकानंद

जबलपुर दर्पण। प्रभु की लीलाओं में लोककल्याण की भावना है, श्रीकृष्ण की लौकिक क्रियाओं से देव दनुज मनुष्य के साथ प्राणी जगत का भूत भविष्य वर्तमान संवार जाता है। कलयुग में हरि नाम बड़ा है प्रभु चरणों में सवर्सव समर्पित कर ही भवसागर से पार हो सकते हैं। पितृपक्ष में श्रीमद्भागवत कथा पुराण पितरों के सभी सुनने वाले जीवों का उद्धार होता है
उक्त उद्गार भागवत सेवा समिति के तत्वावधान में भक्तिधाम आश्रम ग्वारीघाट मैं पूर्वजों के तर्पण के लिए पितृपक्ष में श्रीमद्भागवत कथा पुराण के पंचम दिवस नंदोत्सव में व्यासपीठ से भागवताचार्य स्वामी अशोकानंद जी महाराज ने कहें।
श्रीराधा-कृष्ण,व्यासपीठ , महाराज जी का पूजन अर्चन पंडित वेदांत शर्मा , करिश्मा शर्मा, आचार्य चंद्रिका प्रसाद, लालू महाराज, पुष्प राज तिवारी,वीनू माखीजा, विजय पंजवानी, पप्पू लालवानी,उमेश पारवानी, जय बाशानि, दीपक पंजवानी, हीरा शर्मा, खेराज दास हेमराजनी ,सहित श्रृध्दालु जनों की उपस्थिति रही।



