सिध्दघाट से प्रारम्भ हुई अखंड माँ नर्मदा सेवा यात्रा

जबलपुर दर्पण। सिद्धघाट ग्वारीघाट से अखंड माँ नर्मदा सेवा यात्रा (तृतीय चरण) प्रारम्भ करते हुए 445 दिनों से अन्न आहार त्यागकर सत्याग्रह कर रहे समर्थ सद्गुरु ने संदेश देते हुए कहा कि हमारा नर्मदा परिक्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों धरोहरों का देश दुनिया का असाधरण गढ़ है आज वर्तमान में हालात बहुत चिंताजनक है अंधाधुंध प्राकृतिक संसाधनों का दोहन शोषण होने से भीषण महासंकट की दस्तक हमारे नर्मदांचल में हो रही है लगातार निज स्वार्थ के वशीभूत होकर चंद दबंग, माफिया, पूँजीपति नर्मदा के जलसंग्रहण हरित क्षेत्र में लाखो करोडों जनों के जीवन के साथ बेखोफ होकर खेल रहे है शासन प्रशासन मौन और जबाबदार जिम्मेदार असहाय हुए दिखाई दे रहे है। धर्म संविधान नीति कानून उच्च न्यायपालिका के विरुद्ध दिन रात कार्य चल रहा है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति वर्ग समुदाय को जागना होगा मां नर्मदा एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण सम्वर्धन के लिए अपना योगदान सुनिश्चित करना होगा,जन जन को जुड़ना होगा। एक व्यापक जन जन जागरण जन आंदोलन के लिए समाज को तैयार होना होगा।



