त्रि-स्तरीय पंचायतों चुनाओ की तैयारियों का जायजा लेने पाटन पहुंचे कलेक्टर

मतदान केंद्रों पर बिजली,पानी साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
जबलपुर दर्पण पाटन ब्यूरो। कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी ने आज सोमवार को पाटन पहुँचकर यहां आयोजित समीक्षा बैठक में पंचायत चुनाव को लेकर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया कलेक्टर डॉ इलैयाराजा ने बैठक में मतदान केंद्रों पर साफ-सफाई और पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने देर शाम तक मतगणना चलने की संभावनाओं को देखते हुये मतदान केंद्र और मतदान केंद्र परिसर के आसपास प्रकाश के पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिये साथ ही शौचालयों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने मतदान केंद्र भवन एवं शौचालयों की साफ-सफाई में कमी पाये जाने पर सबंधितों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने की चेतावनी बैठक में दी। डॉ इलैयाराजा ने बैठक में मतदान दलों को सामग्री वितरण एवं वापसी की व्यवस्था,मतदान दलों की परिवहन व्यवस्था,रुट चार्ट आदि की जानकारी ली। उन्होंने संवेदनशील मतदान केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुये कहा कि पंचायतों के निर्विघ्न एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिये समय रहते सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित कर लिये जायें। कलेक्टर ने पाटन प्रवास के दौरान स्ट्रांग रूम तथा सामग्री वितरण स्थल का निरीक्षण भी किया। इस दौरान जिला पंचायत की सीईओ डॉ सलोनी सिडाना, एसडीएम पाटन शाहिद खान भी मौजूद थे। ज्ञात हो कि जिले में दो चरणों मे हो रहे त्रि-स्तरीय पंचायतों के निर्वाचन के दूसरे चरण में एक जुलाई को पाटन, मझौली और शहपुरा विकासखंड में मतदान होगा।
पड़ताल में महिला मतदाताओं का ओपिनियन :-त्रि-स्तरीय पंचायतों चुनाओ में गांव गांव शराब बटने से सबसे ज्यादा महिला वर्ग परेशान है। जब गावों में पहुंचकर इस संबंध में बात की गई तो महिलाओं का कहना था जो हमारे घरवाले और अन्य परिवार के सदस्यों को शराब पिला रहे है हमतो बिल्कुल भी उन्हे वोट न देगे। पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते गांव गांव लोगों को सरपंच एव अन्य प्रत्याशी के द्वारा शराब परोशी जा रही है। पुलिस प्रशासन सिर्फ एक प्राइवेट वाहन किसी भी गांव में भेजे उस गाड़ी के पास शराब लेने वाले खुद पहुंच जाएंगे,बात में कितनी सच्चाई है पुलिस प्रशासन को खुद पता चल जाएगा,लेकिन विडंबना यही है की उनको हर बात की जानकारी होते हुए भी मौन धारण करना उनकी मजबूरी बन गई है।




