वरदान आश्रम में धूमधाम से मनाया गुरूपूर्णिमा महोत्सव

मण्डला। गुरूपूर्णिमा के पावन पर्व पर अंजनिया वरदान आश्रम में कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहॉ कथावाचक यज्ञाचार्य पं. नीलू महाराज के द्वारा गुरुदीक्षा का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। तद्पश्चात् गुरु का दैनिक जीवन में महत्व पर प्रवचन भी दिया गया। कथावाचक पं. नीलू महाराज ने कहा कि आषाढ़ मास की पूर्णिमा को हिंदू धर्म में गुरू पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। गुरू एक चक्रधारी है गुरू के तीन नेत्र नही है गुरू के एक नेत्र है। उन्होंने कहा कि जीवन में गुरू की तीन बाते को याद रखना चाहिए सृष्टि का निर्माण, पालन करना और संघार करना ही हमारी प्रथम प्राथमिकता होती है। गुरू को परम ब्रम्हा भी कहा जाता है। वरदान आश्रम में भण्डारे का कार्यक्रम भी किया गया यहॉ दूर-दराज से श्रृद्धालुजन एवं भक्तगण आये हुये थे। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष शैलेष मिश्रा, भाजपा महिला प्रकोष्ठ जिला महामंत्री संगीता लारेश्वर, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष नरेश कछवाहा एवं राजकुमार, करन दुबे, विजय पाण्डे, डॉ. ओमकार रजक सहित सूर्यकुण्ड महाआरती समिति उपस्थित रहे।



