निजी कोचिंग संस्थाओं के खिलाफ कांग्रेस पार्टी आंदोलन करेगी

जबलपुर दर्पण। वर्ष 2024 के जनवरी माह में शिक्षा मंत्रालय (भारत सरकार) के द्वारा निजी कोचिंग संस्थाओं के संचालन हेतु दिशा निर्देश जारी किये गये है। इन दिशा निर्देशों में परंपरानुसार वैसा ही सर्कुलर है, जैसा एक फिक्स फार्मेट में सरकारों के द्वारा जारी किया जाता है, इस सर्कुलर के 3 (v) पैरा में उद्देश्य एवं दिशा निर्देश देते हुये सरकार जाहिर करना चाहती है कि इसका उद्देश्य छात्र बच्चों के लिये व्यवसायिक नीति एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराना है, वहीं इस सर्कुलर के शीर्षक 4 (II) में परिभाषित किया गया है कि ऐसा परिक्षेत्र जहां पर 50 से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं एवं जहाँ पर परामर्श, खेलकूद, नृत्य, थियेटर इत्यादि गतिविधियां संचालित नहीं की जाती उस संस्थान को कोचिंग सेंटर की संज्ञा दी गई है, वहीं इस सर्कुलर के शीर्षक 6i(c) में शिक्षा व्यवस्थाओं को अंधकार में डालने एवं गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवार के बच्चों की प्राथमिकी शिक्षा पर तुगलकी फरमान जारी कर कुठाराघात किया जा रहा है, इस पैरा में सरकार के द्वारा दिशा निर्देश दिये गये हैं कि कोई भी कोचिंग संस्थान 16 वर्ष से कम, या 10 वीं तक के छात्र-छात्राओं को शिक्षा व्यवस्था मुहैया नहीं करा सकते और यह आदेश असैद्धांतिक एवं जनविरोधी है, साथियों एक तरफ सरकार अपने दिशा निर्देशों में यह जाहिर कर रही है कि वह इस नीति के तहत इस देश के भविष्य को व्यवसायिक नीति-मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रदान करना चाहती है वहीं दूसरी तरफ सरकार के इस फैसले से न केवल शिक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ेगी साथ ही साथ इस देश में करोडों अभिभावकों के बच्चे उच्च शिक्षा व्यवस्था से वंचित रह जायेगें, रिक्शा, ठेला छोटा मोटा व्यापार करने वाले, छोटी मोटी निजी नौकरी करने वाले अभिभावक रात दिन इस बात के लिये परिश्रम करते हैं कि जिस शिक्षा से वह वंचित रह गये उनके बच्चे न रहें। अगर 10 वीं कक्षा के पहले उन बच्चों को कोचिंग की व्यवस्था मुहैया नहीं होती है तो उनकी प्राथमिक शिक्षा ही कमजोर हो जायेगी और वह अभिभावक जो खुद अशिक्षित हैं यह उनके बूते की बात भी नहीं कि 10वीं तक बच्चे को वह घर पर पढ़ा सके, सरकार के द्वारा जारी किये गये इस तुगलकी फरमान के पीछे षडयंत्र की बू आती है, और कांग्रेस पार्टी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाले इस आदेश का विरोध करती है कल दिनांक 26 फरवरी दिन सोमवार को जिला कलेक्टर जबलपुर के द्वारा देश के प्रधानमंत्री, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री एवं मध्यप्रदेश शासन के मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया जायेगा, यह विरोध बड़े आंदोलन का आकार लें उससे पहले सरकार को चाहिये कि इस सर्कुलर से इस कंडिका को विलोपित करें अन्यथा अगले चरण में कांग्रेस पार्टी उन अभिभावकों को साथ लेकर एक बड़ा आंदोलन करने जा रही है जिन अभिभावकों के खिलाफ यह षडयंत्र रचा गया है।



