भीष्ण गर्मी में हेण्डपंपों का जल स्तर सैकड़ो फीट नीचे उतरा, तो दोषी कौन ?

जबलपुर दर्पण। सिहोरा तहसील की चार ग्राम पंचायत में नवनिर्माण नल जल योजना टूटीफूटी, आधी अधूरी, पड़ी हुई है।जिससे पानी को लेकर ग्रामीणों को परेशानी बहुत अधिक झेलना पड़ रही है। सिहोरा तहसील की पांच ग्राम पंचायतें मढ़ा परसवरा, खभरा, कूम्ही सतधारा, प्रतापपुर, शैलवारा के लोगों को भीषण गर्मी के चलते पानी की परेशानी बढ़ती जा रही है। इन पांच ग्राम पंचायतों में 3 वर्षों से ओम कंस्ट्रक्शन भोजपुर बिहार की कंपनी जिसका ठेकेदार वामन भाई के द्वारा सिहोरा तहसील में 5 ग्राम पंचायत मै करीब 3 करोड़ की लागत से नल जल योजना कार्य का ठेका लिया गया है। सभी ग्राम पंचायत की गली मोहल्लों में नाली खुदवा कर पक्के रास्तों को गड्डों में परिवर्तित कर दिया है। पुरानी वाटर सप्लाई टूटफूट कर खराब हो चुकि है। जिससे लोगों को पानी को लेकर बहुत परेशान नजर आ रहे हैं। ठेकेदार द्वारा खोदी गई पाइप नाली के गढ्ढो में महिलाएं गिरकर घायल हो रही हैं।
वहीं दूसरी तरफ प्रत्येक गांव में हेण्डपंपों का जल स्तर सैकड़ो फिट नीचे जल स्तर चला जा रहा है। तो कई हेण्डपंप, कुआं, तालाब, बावली, नदी, का पानी खत्म होने की कगार में पहुंच गया है। जिसका कारण है, जीवित नदियों में मशीन पंप चलाकर नदियों का सूखना । नदियों का रेत निकालना। भूमि का खनन होना । खनन माफिया द्वारा पहाड़ियां खोद खदानों का पानी मशीनों से निकलकर खनिज निकालना। किसानों द्वारा गर्मियों की फसल उड़द, मूंग बहुत अधिक उपज करना । गांवों में 70 प्रतिशत बोर खनन होना। प्रशासन द्वारा जल संग्रहीकरण पर ठीक से कार्य नहीं करना। जंगलों में पेड़ पौधों की कटाई कर खेती करना। पेड़ पौधों का संरक्षण नहीं करने जैसे अवैध कार्य कर प्रकृति का दोहन किया जा रहा है। अवैध कार्य करने का काम कोई छोटे किसान व मजदूर वर्ग के लोग नहीं करते हैं, बल्कि अवैध कार्य करने वाले अर्थव्यवस्था से मजबूत बाहुबली आतुर रहते हैं। जिससे मानव जीवन पर जल संकट 10 वर्षों में तबाही का सबक बनने की संभावना जताई जा रही है। ग्रामीणों ने मांग किया है, कि नल जल योजना एवं जल संग्रह पर प्रशासन बहुत अधिक कम करें ताकि जल संकट से मानव जीवन को बचाया जा सके। और अवैध कार्य रुकवा कर जल संरक्षण पर कार्य करें।
PHE जबलपुर ई डीपी मंगोरे ने बताया कि नवनिर्माण नल जल योजना हमारे विभाग की देखरेख पर चल रहा है। ओम कंस्ट्रक्शन बिहार कंपनी को नोटिस जारी कर माननीय कलेक्टर साहब को एक-दो दिन में अवगत करा दिया जावेगा। जो कलेक्टर साहब के निर्देश होंगे, पुन: उस पर कार्यवाही की जावेगी।



