ऑटिज्म बच्चों में छिपा है प्रतिभा का असीम भंडार

जबलपुर दर्पण। ऑटिज्म और अति चंचल व अति क्रियाशील बच्चों के अंदर प्रतिभा का असीम भंडार छिपा होता है। परंतु उनके असामान्य व्यवहार के कारण हमारा ध्यान बच्चों की इस प्रतिभा की ओर नहीं जाता। वास्तव में इन बच्चों के प्रत्येक असामान्य व्यवहार के पीछे कोई ना कोई विशेष कारण होता है। उस कारण को खोजकर और उसका समाधान करते हुए उसके व्यवहार को सामान्य बनाकर बच्चे को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।
उक्त उद्गार सनराइज इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेशल नीड चिल्ड्रन द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान व अभिभावक जागरुकता कार्यक्रम में दिल्ली और बड़ोदरा से आए विषय विशेषज्ञों ने व्यक्त किए।आयोजन ब्रदरहुड ग्लोबल इंक्लूजिव एजुकेशन नई दिल्ली के अध्यक्ष सतीश कपूर के मुख्य आतिथ्य तथा वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक व शिक्षा सलाहकार डॉ. श्रद्धा तिवारी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। जबकि प्रांगण पुनर्वास केंद्र बड़ोदरा की अध्यक्ष राधा टंडन तथा नोडल अधिकारी संभागीय समावेशी शिक्षा डॉ.रामनरेश पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। संस्था अध्यक्ष सुश्री बिनीता पगारे ने संस्था का परिचय दिया।कार्यक्रम का संचालन आशुतोष तिवारी में तथा आभार प्रदर्शन कार्यक्रम संयोजक डॉ. एच. पी. तिवारी ने किया।इस अवसर पर बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।प्रतिभावान बच्चों और उनके अभिभावकों को सम्मानित किया गया।
समारोह में संस्था सचिव उमेश सोनी,विनोद कुमार कुलस्ते,प्रवीण पगारे, डॉ.विजयकांत तिवारी, आर.के. नेमा ,सुनील जैन ,महेश स्थापक ,अनिल दुबे,प्रियंका उपाध्याय व प्रकाश जैन सहित बड़ी संख्या में बच्चे,अभिभावक व समाजसेवी उपस्थित थे।



