मातृ स्मृति में समर्थ सदगुरु की पहल

पौधारोपण बीजारोपण की आदर्श परंपरा : समर्थ सद्गुरु
जबलपुर दर्पण। मां के प्रति अर्पण समर्पण आस्था श्रद्धा प्रगट करें- प्रकृति पर्यावरण संरक्षण संवर्धन के सेवा महायज्ञ में अपना योगदान देकर सच्ची श्रद्धांजलि समर्पित करें।
मां है जिसने जन्म दिया,माँ है जिसने जीवन दिया,माँ है जिसने जीना सिखाया,माँ है जिसने आत्मनिर्भर बनाया।
जननी के रूप में जीवनदायनी पवित्र नदियों के रूप में,धरती के स्वरूप,गौ के रूप में ,प्रकृति के रूप में और हम धन्य है राष्ट्र के रूप में भी मां को देखते हैं विश्व में हम ही है जो कण कण में भगवान को देखते है,प्रकृति धरा धेनु नदियों को हम माँ कह कर बुलाते है अब वक्त है जिसे हमने मां कहा जिसने हमें सब कुछ दिया बदले में हमसे कुछ नही लिया जिससे हमारा जीवन ,हमारा अस्तित्व ,हमारी पहचान है आओ मिलकर उस माँ के सम्मान में ,सेवा में अपना दायित्व अपना कर्तव्य निभाए चलो माँ से रिश्ता निभाए।
अपना योगदान देकर श्रद्धा के पुष्प चढ़ाए यही सही मायनों में माँ के प्रति सच्ची पुष्पांजलि श्रद्धांजलि होगी।
विगत 595 दिनों से अखंड निराहार सत्याग्रह महाव्रत कर रहे दादागुरु समर्थ सद्गुरु भैयाजी सरकार का भाव पूर्ण संदेश- आज विश्व पर्यावरण दिवस 5 जूनको प्रातः 11 बजे स्नेह वंदा नर्सरी तिलवारा तीर्थ क्षेत्र में समर्थ सदगुरु के सानिध्य में एक आदर्श परंपरा की शुरुवात।
आइए अपने अपने गाँव नगर प्रांत में बीजारोपण पौधारोपण कर राष्ट्र आराधना सगुण शक्ति उपासना का जीवंत संदेश देते हुए मातृ पक्ष को सामूहिक श्रद्धांजलि दें।
नर्मदा मिशन आप सभी संस्था संगठनों भक्त प्रेमियों से”समर्थ मातृ श्री श्रद्धांजलि “सेवा महायज्ञ में शामिल होने निर्विकार भाव से अपील करता है।



