स्टाईफड वेतन व्यवस्था कर्मचारियों का शोषण

नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति दिनांक से दिया जाए पूर्ण वेतन
जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेष जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के प्रांत अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष रॉबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि नवनियुक्त कर्मचारियों की 70,80, 90 प्रतिशत वेतन स्टाईफड व्यवस्था लागू की गई है, जो की सीधे सीधे नव नियुक्त कर्मचारियों का शोषण है l संगठन ने बताया कि इस महंगाई के दौर में यदि कर्मचारियों को प्रथम वर्ष में 70% दूसरे वर्ष में 80% और तीसरे वर्ष में 90% वेतन दिया जाता है तो इतने कम वेतन में उनका जीविकोपार्जन चलाना कठिन हो जाता है l ऐसे में शासन को पहले वर्ष में ही पूर्ण वेतन नवनियुक्त कर्मचारियों को दिया जाना चाहिए l यह तभी संभव है जब स्टाइफंड वेतन व्यवस्था को समाप्त कर नियुक्ति दिनांक से ही पूर्ण वेतन कर्मचारियों को दिया जाएगाl संगठन के प्रान्ताध्यक्ष रॉबर्ट मॉर्टिन , हेमंत ठाकरे , शहीर मुमताज , राकेश श्रीवास , स्टेनली नॉरबर्ड, दिनेश गौड़, एनोस विक्टर, सधीर अवधिया,दिनेष गौंड़, क्रिस्टोफर नरोन्हा, गुडविन चाल्र्स, सुधीर पावेल, रऊफ खान, राॅबर्ट फ्रांसिस, विनोद सिंह, राजकुमार यादव, विजय झारिया, प्रदीप पटेल, मनीष मिश्रा, एस.बी.रजक, आर.पी.खनाल, अजय मिश्रा, फिलिप अन्थोनी, अफरोज खान, गोपीषाह, उमेष सिंह ठाकुर, सुनील झारिया, रवि जैन, आषाराम झारिया, अषोक परस्ते, योगेष ठाकरे, वीरेन्द्र श्रीवास, विजय झारिया, सुनील स्टीफन, वसीमुद्दीन, विनय रामजे, रामकुमार कतिया, सरीफ अहमद अंसारी, आषीष कोरी, कादिर अहमद अंसारी, अनूप डाहट, मानसिंह आर्मो आदि ने मुख्यमंत्री महोदय से माँग की है की स्टाइफंड वेतन व्यवस्था को समाप्त कर नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति दिनांक से पूर्ण वेतन दिया जाए।



