गेहूं की पंजीयन कराने के लिए किसान परेशान,हड़ताल पर बैठे हैं कर्मचारी

गेहूं पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे किसान।
डिंडोरी दर्पण ब्यूरो। मध्य प्रदेश सहकारी संस्थाएं के कर्मचारी पिछले एक सप्ताह से हड़ताल पर हैं,अपनी मांगों को लेकर कलम बंद हड़ताल में कर्मचारियों से मिलने कोई भी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी व जन प्रतिनिधि प्रदर्शन स्थल तक नहीं पहुंचा है और ना ही कोई ठोस आश्वासन प्रशासन द्वारा कर्मचारियों को दिया जा रहा है। जिससे कर्मचारियों का कलम बंद हड़ताल अनिश्चितकालीन तक के जारी है। किसानों की माने तो कर्मचारियों की हड़ताल पर होने के चलते राशन वितरण, गेहूं के पंजीयन सहित अन्य शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे है। किसान खरीदी केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन किसानों के गेहूं की पंजीयन नहीं हो पा रहे।
- किसान कार्यालयों के काट रहे चक्कर।
जिले के किसान गेहूं के पंजीयन कराने के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सहकारिता कर्मचारी महासंघ भोपाल के आह्वान पर डिंडौरी इकाई के कर्मचारी शुक्रवार को लगातार नाैवें दिन भी हड़ताल जारी रहा। बताया गया कि तीन सूत्रीय मांगों को लेकर कलमबंद हड़ताल पर कर्मचारी बैठे हुए हैं। हड़ताल के कारण जिले के 44 सहकारी समितियां बंद हैं और 254 शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में खाद्यान्न वितरण प्रभावित हो रहा है। साथ ही मध्याह्न भोजन और सांझा चूल्हा का खाद्यान्न भी समूहों को नहीं मिल पा रहा है। जिले में गेहूं उपार्जन के लिए बने 18 पंजीयन केंद्रों में रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहे हैं। नागरिक आपूर्ति निगम के तहत पीडीएस, शक्कर, नमक आदि का उठाव नहीं हो रहा है। कृषि और विपणन विभाग से जुड़े खाद-बीज के काम भी बंद पड़े हैं। सहकारिता और जिला सहकारी बैंक द्वारा केसीसी किसान कार्ड का ऋण वितरण, ऋण वसूली, धान लिंकिंग वसूली, धान का भुगतान आदि भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। डिंडौरी की सहकारी समितियों के कर्मचारी 04 फरवरी मंगलवार से प्रदेशव्यापी हड़ताल को जिले का संगठन भी समर्थन दे रहा है।



