रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग कर्मचारी संघ का ज्ञापन सौंपा,

जबलपुर दर्पण। अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग कर्मचारी संघ रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के अध्यक्ष अजय झारिया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलगुरु प्रोफेसर राजेश कुमार वर्मा को 16 सूत्री ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपनी लंबित मांगों के निराकरण की अपील की है।
संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 16 दिसंबर 2024 को दिए गए ज्ञापन के आधार पर कुलगुरु से विस्तार से चर्चा की और म.प्र. शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश क्र.1/1/0046/2024 दिनांक 6 दिसंबर 2024 को त्रुटिपूर्ण बताते हुए इसे शासन स्तर पर निरस्त करने की मांग की। संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि 1997 में 70 पद कार्यपरिषद से स्वीकृत कर महामहिम राज्यपाल कार्यालय को भेजे गए थे, जिनका विलुप्त किया जाना कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न कर सकता है।
प्रतिनिधिमंडल में महासचिव सुखदीन कटारे, पूर्व प्रांताध्यक्ष बंशबहोर पटैल, संजय यादव, राम सजीवन सोंधिया, बैसाखू मांझी, श्रीष दुबे, अनिल धनगर, मनीष पाण्डेय, अखिलेश दीक्षित, रोहित आर्य, गनेश उनेहा, सौरभ पटेल, अवधेश शर्मा, अंकित श्रीवास, योगेंद्र अग्निहोत्री, सनी यादव, संजीव अहिरवार, महेश्वर, रवि सहित अन्य कई कर्मचारी उपस्थित थे।
संघ ने यह चेतावनी दी है कि यदि 27 दिसंबर 2024 तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वे 30 दिसंबर 2024 से सामूहिक अनशन पर बैठेंगे। संघ के इस कदम से विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बढ़ने की संभावना है, और कर्मचारी अपनी मांगों के लिए संघर्ष को और तीव्र करने के लिए तैयार हैं।



