स्वर्णिम विजय मशाल का हुआ महाविद्यालय आगमन

जबलपुर दर्पण। संत अलॉयसियस स्वशासी महाविद्यालय जबलपुर के परिसर में स्वर्णिम विजय मशाल लाई गई। उल्लेखनीय है कि सन् 1971 के भारत पाकिस्तान के युद्ध के 50 वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गत वर्ष 16 दिसंबर 2020 को इंडिया गेट नई दिल्ली में स्थित अमर जवान ज्योति में से चार मशाल प्रज्जवलित कर देश के चारों कोनों में भ्रमण कराई जा रही है। विशेषतः उस युद्ध में परमवीर चक्र प्राप्त वीरों के गृह स्थान पर उन्हें लाया जा रहा है । इसी कड़ी में एनसीसी मुख्यालय जबलपुर को इस मशाल को एक दिन रखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। एनसीसी मुख्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम की इस ऐतिहासिक घड़ी का साक्षी बनना महाविद्यालय के लिए अत्यंत गौरव का विषय रहा। महाविद्यालय में इस दौरान एनसीसी कैडेट्स के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम कैड्रेटस हर्षिता दुबे एवं नसरीन यूसुफ अली के ओजपूर्ण भाषण के माध्यम से सन् 1971 की युद्ध का प्रभावी चित्रण किया। तत्पश्चात गर्ल्स कैड्स के द्वारा हृदय स्पर्शी नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम की अगली कड़ी में सारिका द्वारा देश भक्ति से ओतप्रोत गीत मैं रहूँ या ना रहूँ भारत ये रहना चाहिए प्रस्तुत किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.फा. वलन अरासू ने अपने इस संदेश में कहा कि राष्ट्र की एक-एक इंच भूमि को बचाने के लिए सैनिक अपना खून पसीना एक कर देते है। वह अपने परिवार का त्याग करते है और निःस्वार्थ भाव से देश की भलाई के लिए काम करते है। यह इनकी मेहनत, त्याग, समपर्ण एवं वफादारी का ही नतीजा है कि हम चैन से सो पाते है। हमें सदैव उनके बलिदान को स्मरण रखना चाहिए। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय के उपप्राचार्य डॉ. कल्लोल दास, कैप्टन डॉ सोनल रॉय, सब लेफ्टिनेट डॉ संजय रजक, लेफ्टिनेट अमित यादव, सब लेफ्टिनेट डॉ मैरी रेमर का विशेष योगदान रहा।



