प्राकृतिक खेती के नाम – चौपाल का आयोजन 26 जून को, लोक निर्माण मंत्री की पहल पर होगा वृहत आयोजन

जबलपुर दर्पण । रासायनिक खेती से होने वाले नुकसान एवं प्राकृतिक खेती के लाभ की जानकारी किसानों और आम जनों को मिले और जबलपुर के किसान प्राकृतिक खेती को प्राथमिकता दे इस हेतु प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के आह्वान पर प्राकृतिक खेती के नाम – चौपाल का आयोजन आगामी गुरुवार 26 जून 2025 को मानस भवन राइट टाउन में किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गुजरात के राज्यपाल आचार्य श्री देवव्रत जी, मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, विशिष्ठ अतिथि प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंसाना होंगे, कार्यक्रम में सभी जनप्रतिनिधि अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में जबलपुर जिले के किसानों को आमंत्रित किया गया है।लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया हमारा देश कृषि प्रधान है, हमारी अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत स्तंभ कृषि है किंतु वर्तमान परिदृश्य में हम जिस तरह अन्न, फल या अन्य कृषि उत्पादों का उपभोग कर रहे है वह किसी भी तरह से हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी नही है, विभिन्न अध्यनो और शोध के बाद यह पाया कि आज खेती के लिए हमारे किसान रसायनों पर निर्भर हो रहे है जिससे न केवल भूमि की उर्वरकता कम हो रही बल्कि लोगो की सेहत पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है, तब मन में विचार आया है हमारे क्षेत्र के किसानों को रसायनिक खेती से होने वाले नुकसान की जानकारी होना चाहिए साथ ही विकल्प के तौर पर क्या किया जा सकता है, इस दौरान मेरी भेंट गुजरात के माननीय राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी से हुई उन्होंने रसायनिक खेती के विकल्प के रूप ने प्राकृतिक खेती के लाभ के बारे में बताया और तब हमने तय किया कि जबलपुर में एक चौपाल का आयोजन किया जाए जिसमे किसानों के किए प्राकृतिक खेती की जानकारी दी जाए और इसके लिए राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी से जबलपुर आने का आग्रह किया जिस पर उन्होंने सहमति दी।श्री सिंह ने कहा रासायनिक खेती के कई नुकसान हैं, जिनमें मिट्टी, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव शामिल हैं। मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है, जल प्रदूषण होता है, और स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, वही प्राकृतिक खेती के कई लाभ हैं, जिनमें बेहतर स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, और किसानों की आय में वृद्धि शामिल हैं इसकी जानकारी हेतु इस चौपाल का आयोजन किया गया है। श्री सिंह ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लाल किले के प्राचीर से प्राकृतिक खेती के बढ़ावे की बात कही थी। हमारे प्रधानमंत्री जी को किसानों की बहुत चिंता है। अगर सब मिलकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु जनजागरण करेंगे तो देश के लिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता निकलेगा।



