तीसरी लहर के प्रभावों से निपटने अभी से तैयारी करें प्रशासन ः संतोष

मैहर। कोरोना संक्रमण की पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर ने कई मायनों अधिक खतरनाक व घातक सिद्ध हुई है। नगर पालिका उपाध्यक्ष श्रीमती संतोष चौरसिया ने कहा कि दूसरी लहर ने अधिक नुकसान इसलिए भी पहुंचाया है कि हमारी व्यवस्थाएं उससे निपटने के लिए नाकाफी साबित हुई हैं। इससे एक ओर जहां आमजन में भय व्याप्त है, वहीं कई लोगों की जानें भी गई हैं। इस दौरान अस्पतालों में बेड, आक्सीजन सहित दवाइयों की कमी व कालाबाजारी की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं अब विशेषज्ञ कोरोना संक्रमण की थर्ड वेव अर्थात तीसरी लहर को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में तीसरी लहर के दुष्परिणामों से निपटने व कम से कम नुकसान होने को लेकर अभी से तैयारियां शुरू की जाना चाहिए। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को संसाधनों, स्टाफ व व्यवस्था को अपडेट व पर्याप्त करने के लिए अभी से ही काम करना होगा। वहीं अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीनेशन करवाना भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य होगा
उल्लेखनीय है कि कोरोना की तीसरी लहर को लेकर विशेषज्ञों का मत है कि इससे बच्चे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। वहीं फिलहाल 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वैक्सीन लगना भी शुरू नहीं हुए हैं। ऐसे में संभावित समस्याओं को देखते हुए बड़े पैमाने पर तैयारियां जरूरी हो गई हैं। वहीं शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के पालन की अनिवार्यता भी लागू करना होगा। श्रीमती संतोष चौरसिया बताया कि दूसरी लहर को लेकर तैयारियों में रह गई कमियों को देखते हुए तीसरी लहर से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास जरूरी हैं।



