जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

ग्यारह साल बाद वक्फ कुरवाई ज़मीन को मिल सकता है इंसाफ ,हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दाऊद अहमद खान, नवाब ज़फर अली खान, मोईन बिजली खान व अन्य पर जल्द पेश होगा चालान

जबलपुर दर्पण | वक्फ कुरवाई जिला विदिशा की वक्फ ज़मीन को खुर्द-बुर्द करने वाले मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के पूर्व सीईओ दाऊद अहमद खान, पूर्व मुतवल्ली नवाब ज़फर अली खान व उनके दामाद मोईन बिजली खान व अन्य के विरुद्ध वर्ष 2014 में ई.ओ.डब्ल्यू में एफआईआर दर्ज होने के ग्यारह साल के लंबे इंतेज़ार के बाद वक्फ कुरवाई में गड़बड़ी करते वक्फ को तकरीबन 8 करोड़ का नुकसान पहुँचाने वालों के विरुद्ध जल्द चालान पेश होने की संभावना है।
मामला इस प्रकार है कि म.प्र. वक्फ बोर्ड की कुरवाई जिला विदिशा स्थित सम्पत्ति जिसका मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड में पंजीयन क्रमांक 165/192 पर रजिस्टर्ड होकर मध्यप्रदेश असाधारण राजपत्र दिनांक 25.08.1989 में प्रकाशित एवं अधिसूचित 40 खसरों वाली वक्फ सम्पति रकबा 16.235 हेक्टयर वक्फ इस्लामिया मदरसा व स्कूल कुरवाई जिला विदिशा की सम्पति कुल 19 किता रकबा 4.633 हेक्टेयर कीमती 7,77,92,400/- (अंकन सात करोड़ सतत्तर लाख बानवे हजार चार सौ रूपये) की लागत की वक्फ के स्वामित्व की सिंचित, उपजाऊ जमीन को देकर उसके बदले में बंजर बेकार उबड़ खाबड़, असिंचित जमीन की अदला-बदली करते वक्फ आराज़ी मुताल्लिका इस्लामिया स्कूल कुरवाई जिला विदिशा के मुतवल्ली जफर अली खान को दिनांक 26.06.2010 के पक्ष में विनिमय का आदेश करते मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी दाऊद अहमद खान पिता श्री एल.ए. खान जो मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर दिनांक 28.04.2010 से 12.10.2010 तक तथा दिनांक 22.07.2013 से दिनांक 01.02.2014 तक पदस्थ थे, वक्फ बोर्ड के सी.ई.ओ. के बाद दाऊद अहमद खान मध्यप्रदेश हज कमेटी एवं उपसंचालक पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पदस्थ रहते गैर कानूनी ढंग से पूर्व मुतवल्ली नवाब ज़फर अली खान पिता नवाब सरवर अली खान एवं उनके दामाद मोईन बिजली खान पिता सईदुद्दीन खान को अवैध रूप से लाभ अर्जित करवाकर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अपने पद का दुरुपयोग करते म.प्र. वक्फ बोर्ड को 7,77,92,400/- रुपये की राजस्व हानि पहुँचाई।
दाऊद अहमद खान के इस अवैधानिक कृत्य पर म.प्र. वक्फ बोर्ड भोपाल द्वारा आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल को की गई शिकायत क्रमांक 56/2012 शिकायत पंजीयन दिनांक 17.02.2012 पर जाँच उपरांत पाया गया कि दाऊद अहमद खान का उक्त क्षेत्राधिकारविहीन कृत्य से म.प्र. वक्फ बोर्ड की गंभीर राजस्व हानि पहुँचाई गई है तत्पश्चात ई.ओ.डब्ल्यू भोपाल द्वारा म.प्र. वक्फ बोर्ड के पूर्व सीईओ दाऊद अहमद खान, ज़फर अली खान पूर्व मुतवल्ली वक्फ आराज़ी मुताल्लिका इस्लामिया स्कूल कुरवाई जिला विदिशा सहित मोईन बिजली खान व अन्य पर एफआईआर क्रमांक 41/2014 दिनांक 18.11.2014 को भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 420, 120बी एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (1) तथा 13 (2) के अंतर्गत अपराध दर्ज करते मामला कायम किया गया।
दाऊद अहमद खान द्वारा वक्फ अधिनियम की धारा 51 का उल्लंघन करते हुए बोर्ड की अनुज्ञा के बिना वक्फ सम्पति का अन्य संक्रमण (Alienation) शून्य होगा, वक्फ अधिनियम की धारा 51 के अनुसार वक्फ विलेख में अंतर निहित किसी बात के होते हुए भी किसी अचल सम्पति का हिबा, विक्रय, विनिमय अथवा बंधक जो वक्फ सम्पति है शून्य होगा जब तक की हिबा, विक्रय, विनिमय अथवा बंधक वक्फ बोर्ड की पूर्व अनुज्ञा के बिना प्रभावी नहीं किया जा सकता, वक्फ अधिनियम की धारा 51 व 32 में विनिमय के संबंध में स्पष्ट प्रावधान है जिसके अनुसार ऐसे निर्णय दो तिहाई बहुमत से पारित होना चाहिये व बिना बोर्ड की अनुमति के विनिमय नहीं किया जाना चाहिये, परन्तु इस प्रकरण में गैर कानूनी ढंग से विनिमय बिना वक्फ बोर्ड के अनुमति के दाऊद अहमद खान द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते और अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अवैध रूप से कर दिया गया।
तत्कालीन वक्फ बोर्ड सी.ई.ओ. दाऊद अहमद खान द्वारा पत्र क्रमांक 10/4777-78 भोपाल दिनांक 22.06.2010 को उपरोक्त वक्फ इस्लामिया मदरसा स्कूल कुरवाई विदिशा के मुतवल्ली जफर अली खान को अच्छी वक्फ भूमि देते उसके ऐवज में वक्फ को घटिया ज़मीन की अदला-बदली की स्वीकृति प्रदान करते दाऊद अहमद खान ने नियम विरुद्ध तरीके से वक्फ अधिनियम की धारा 51 (1) एवं धारा 32 (जे) के सुसंगत प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए मध्यप्रदेश असाधारण राजपत्र में दर्ज वक़्फ़िया सम्पति को खुर्द-बुर्द करते वक्फ बोर्ड को करीब 8 करोड़ की राजस्व हानि पहुँचाई है। इसी श्रृंखला में पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन पत्र क्रमांक एफ 4 3/2014/54-1 भोपाल दिनांक 29.06.2014 को अपर सचिव मध्यप्रदेश शासन द्वारा दाऊद अहमद खान को वक्फ बोर्ड को करीब 8 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि का नुकसान पहुँचाने पर विभागीय जाँच का आरोप पत्र जारी करते दाऊद अहमद खान पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 12 (2) एवं 13 (1) के अधीन नियम 14 (3) के अंतर्गत आरोप अधिरोपित करने के साथ साथ पत्र में निर्देशित किया गया है कि दाऊद अहमद खान के उक्त कृत्य से मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड को गंभीर आर्थिक हानि पहुंची है, जो कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण नियम) 1965 के नियम 3 के विपरीत कदाचरण करते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 14 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही से दंडनीय है।
वक्फ भूमि की अदला बदली कर वक्फ बोर्ड को करीब 8 करोड़ का नुकसान पहुँचाने के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा जाँच उपरांत भी 11 वर्षों से अधिक समय व्यतीत होने के पश्चात भी उक्त प्रकरण में आज दिनांक तक भी जाँच पूरी करते चालान पेश नहीं किया गया है जिससे व्यथित होकर वक्फ हित में याचिकाकर्ताओं नबी उल्लाह खान रीवा, अमजद हुसैन सोहागपुर (नर्मदापुरम) एवं असद उल्लाह हाशमी कुरवाई (विदिशा) द्वारा अपने अधिवक्‍ता तकमील नासिर के माध्यम से माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दाखिल करते यह आधार लिया गया है कि दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 173 के अंतर्गत पुलिस द्वारा किए जाने वाला प्रत्येक अन्वेषण अनावश्यक विलंब के बिना पूरा किया जायेगा तथा उक्त नियम के आधार पर केन्द्र सरकार द्वारा दिनांक 18.10.2024 एवं राज्य शासन द्वारा दिनांक 23.12.2024 को जारी की गई अधिसूचना के आधार पर माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दायर करते म.प्र. वक्फ बोर्ड के पूर्व सीईओ दाऊद अहमद खान, पूर्व मुतवल्ली ज़फर अली खान एवं उनके दामाद मोईन बिजली खान व अन्य के विरुद्ध दर्ज एफआईआर पर कानूनी कार्यवाही करवाते उक्त लंबित प्रकरण का निराकरण सुनिश्चित करवाते शीघ्र चालान पेश करवाने के अतिरिक्त तय समय सीमा में प्रकरण के निराकरण हेतु याचिकाकर्ताओं नबी उल्लाह खान, अमजद हुसैन एवं असद उल्लाह हाशमी द्वारा अपने अधिवक्‍ता तकमील नासिर के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दायर की गई है, जिसपर सुनवाई करते माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की डिवीज़न बैंच द्वारा आदेश पारित करते इस मामले में ई.ओ.डब्ल्यू को हाईकोर्ट के समक्ष जवाब प्रस्तुत करने 2 सप्ताह की मोहलत दी गई है, याचिकर्ताओं की ओर से अधिवक्‍ता तकमील नासिर ने पैरवी की।

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