पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार और पीएम आवास घोटाले में त्वरित कार्रवाई की मांग, पत्रकार संघ ने सौंपा ज्ञापन

जबलपुर दर्पण। भारतीय पत्रकार संघ ने आज गोहलपुर थाने में पत्रकारों के साथ हुए दुर्व्यवहार और प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए धोखाधड़ी के मामले को लेकर जिला प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। संघ ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक और राजनीतिक मिलीभगत के चलते न केवल एक गरीब व्यक्ति के साथ ठगी हुई, बल्कि जनहित में रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों को भी धमकाया और अपमानित किया गया। मामला अमखेरा कुदवारी निवासी कल्लू कोष्टा से जुड़ा है, जिनसे स्थानीय भाजपा बूथ अध्यक्ष नितिन खैरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान दिलाने के नाम पर ₹10,000 लिए थे। दो वर्ष बीत जाने के बावजूद न तो उन्हें मकान मिला और न ही रकम वापस की गई। परेशान होकर कल्लू कोष्टा ने 6 जून 2025 को गोहलपुर थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में उन्होंने 17 जून को उच्च अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी। इस मामले की जांच के लिए पत्रकार राजेश जैन और ब्रजकिशोर जब नितिन खैरा से बातचीत करने पहुंचे, तो उन्होंने न केवल पत्रकारों के साथ गाली-गलौज की, बल्कि कैमरा तोड़ने की भी कोशिश की। पत्रकार जब इस घटना की शिकायत लेकर गोहलपुर थाने पहुंचे, तो वहां मौजूद एएसआई किशोर बागरी ने रिपोर्ट लेने से मना करते हुए कहा कि “बिना थाने से अनुमति लिए कोई भी कवरेज नहीं कर सकता।” इतना ही नहीं, उच्च अधिकारियों से संपर्क के बावजूद ड्यूटी पर मौजूद अधिकारी उपाध्याय ने भी लिखित शिकायत लेने से इंकार कर दिया। भारतीय पत्रकार संघ ने इसे न केवल लोकतंत्र पर हमला बताया, बल्कि प्रशासनिक निष्क्रियता का प्रतीक भी कहा। संघ के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तीन मुख्य मांगें रखीं:
- नितिन खैरा के खिलाफ पीएम आवास योजना में धोखाधड़ी और पत्रकारों से दुर्व्यवहार के मामले में एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- गोहलपुर थाने के उन पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो जिन्होंने शिकायत दर्ज नहीं की और पत्रकारों को धमकाया।
- भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और पत्रकारों को कार्य करने की पूर्ण स्वतंत्रता दी जाए।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे पत्रकार संघ के प्रतिनिधियों में उज्ज्वल सिंह (जिला अध्यक्ष), राजेश जैन (जिला उपाध्यक्ष), ब्रजकिशोर, आशुतोष अवस्थी, एडवोकेट रवि सोंधिया, हरिओम साहू, इन्द्रभूषण प्रभाकर, मोहित रजक, राहुल कौर, देवेंद्र यादव, अमित सोनी सहित कई पत्रकार शामिल थे। संघ ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करता, तो पत्रकार समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा। संघ का कहना है कि यह केवल पत्रकारों की नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों की भी लड़ाई है।



