पत्रकारिता का उद्देश्य जन सेवा हो, मीडिया समाज का चौथा स्तंभ

जबलपुर दर्पण। हर साल 29 जनवरी को भारत में भारतीय पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है हिंदी पत्रकारिता के विकास और योगदान को याद करना और भारतीय समाचार पत्रों को बढ़ावा देना है। मीडिया और बाजार के नाज़ुक रिश्ते को समझने से पहले इस सच को स्वीकार करके चलना होगा कि मीडिया समाज का चौथा स्तंभ होने के साथ साथ एक व्यवसाय भी है।इन दोनों के संतुलन स्थापित करने से ही पत्रकारिता और हाउस के उद्देश्यों को पूरा किया जा सकता है।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में पत्रकारिता विभाग के प्रोफेसर धीरेंद्र पाठक ने कहा कि पत्रकारिता का इतिहास वर्षों पुराना है, पहले के समाचार पत्रों में प्रकाशन, मुद्रण, प्रसार स्वयं एक व्यक्ति द्वारा कार्य करते थे। पहले भी भारत में भ्रष्टाचार अधिक व्याप्त रहा है। जिसका उजागर, पर्दाफाश पत्रकारिता ने किया था। आज भी भ्रष्टाचार है,जिसे समाचार पत्रों ने इस पर लगाम लगाया। पत्रकारिता आज एक व्यवसाय के रूप में हो गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो धीरेंद्र पाठक ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश वर्मा, कुलसचिव दीपेश मिश्र और प्रदेश टुडे के संपादक पवन पांडेय की उपस्थिति रही। पत्रकारिता विभाग के प्रोफेसर प्रमोद पाण्डेय ने आखिरी में कार्यक्रम का आभार व्यक्त किया। पत्रकारिता विभाग के छात्र छात्राओं की उपस्थिति भी रही ।



