जीपिकोॅन 2025 में 500 डॉक्टर शामिल, जनरल मेडिसिन और गैस्ट्रोएन्टरोलॉजी में नई प्रगति पर हुई चर्चा

जबलपुर दर्पण । गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और मेडिसिन के क्षेत्र में नई प्रगति और नवीनतम जानकारी जानने के उद्देश्य से जनरल प्रैक्टिशनर्स कॉन्फ्रेंस – जीपिकोॅन 2025 का आयोजन 23 अगस्त 2025 को वीसीए क्लब, जामठा, नागपुर में सफलतापूर्वक किया गया।
इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य जनरल मेडिसिन और गैस्ट्रोएन्टरोलॉजी क्षेत्र में हुई नई प्रगति के बारे में जागरूकता फैलाना था। इस तरह के कॉन्फ्रेंस फैमिली फिजिशियंस के ज्ञान को बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं, जिससे वे अपनी रोज़मर्रा की मेडिकल प्रैक्टिस को और बेहतर बना पाते हैं। इस वर्ष के सम्मेलन में 500 से अधिक डॉक्टरों और फैमिली फिजिशियंस ने हिस्सा लिया।
कॉन्फ्रेंस की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई, जिसका उद्घाटन महाराष्ट्र सरकार के राजस्व मंत्री और नागपुर और अमरावती जिले के पालक मंत्री श्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस मौके पर डॉ. श्रीकांत मुकेवार (ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन – जीपिकोॅन 2025 और मैनेजिंग डायरेक्टर, मिडास हॉस्पिटल), डॉ. सौरभ मुकेवार (ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी – जीपिकोॅन 2025 और डायरेक्टर, मिडास हॉस्पिटल, वर्धा रोड, नागपुर), डॉ. शुभंकर गोडबोले(ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी – जीपिकोॅन 2025) और डॉ. भूषण बावरे(ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी – जीपिकोॅन 2025) भी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
महत्वपूर्ण सत्र और वक्ता
वैज्ञानिक कार्यक्रम में मेडिसिन और गैस्ट्रोएन्टरोलॉजी के महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों के सत्र शामिल थे, जिनमें निम्नलिखित विषयों पर चर्चा हुई:
हाईपरटेंशन: कारण और इलाज की दिशा – डॉ. देबाशीष बाला
एनीमिया: जांच और इलाज के महत्वपूर्ण पहलू– डॉ. रमेश मुंडले
डायबिटीज, मोटापा और फैटी लिवर डिज़ीज़ (पैनल चर्चा) – डॉ. श्रीकांत मुकेवार, डॉ. निखिल बालंखे, डॉ. अमृत कौर, डॉ. सनोबर शेख
एसिड पेप्टिक डिज़ीज़: जांच और इलाज (दवा से लेकर प्रक्रियाओं तक) – डॉ. अमित कवीमंदन
कॉन्स्टिपेशन: प्राथमिक देखभाल के लिए व्यावहारिक तरीका – डॉ. श्रीकांत मुकेवार
डायरिया: इलाज की दिशा – डॉ. भूषण भावर
पेट दर्द: जीपी (जनरल प्रैक्टिशनर) के लिए जांच का रोडमैप – डॉ. सौरभ मुकेवार
एलएफटी (लिवर फंक्शन टेस्ट) की जांच और पीलिया पर केस-आधारित चर्चा – डॉ. अमृत कौर गहरा
शरीर में लगातार होने वाली खुजली (जनरल प्रुरिटस) का इलाज– डॉ. नीली चौधरी
बुखार की पहचान और ट्रॉपिकल बुखार की देखभाल– डॉ. शरद देशमुख
किडनी रोग की शुरुआती पहचान – डॉ. मोनाली साहू
एक्यूट पैनक्रियाटाइटिस का प्राथमिक स्तर पर इलाज – डॉ. सौरभ मुकेवार
जोड़ों के दर्द का इलाज: डॉक्टरों को क्या जानना चाहिए – डॉ. कौस्तुभ बेलापुरकर
अनजाने लक्षणों का इलाज – डॉ. ईशा आहलूवालिया
सिरदर्द को समझना: सिरदर्द का निदान और प्रबंधन करने के लिए सामान्य डॉक्टर कि मार्गदर्शिका– डॉ. प्रणीत खंडाईत
एडल्ट वैक्सीनेशन की सिफारिशें: वैश्विक बनाम भारतीय दृष्टिकोण और जीआई मरीजों पर संक्रमण का प्रभाव – डॉ. शुभंकर गोडबोले
“जस्ट आस्क मी एनीथिंग (JAMA)” इंटरएक्टिव सत्र – डॉ. श्रीकांत मुकेवार एवं टीम मिडास
कार्यक्रम के अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए मिडास हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. श्रीकांत मुकेवार ने कहा: “जीपिकोॅन 2025 सिर्फ़ मेडिकल ज्ञान साझा करने का मंच नहीं है, बल्कि यह विशेषज्ञ डॉक्टरों और पारिवारिक डॉक्टरों के बीच एक दुवा का काम करता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में हुई नई प्रगति सीधे ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों तक पहुँच सकें।”
मिडास हॉस्पिटल, वर्धा रोड, नागपुर के डायरेक्टर डॉ. सौरभ मुकेवार ने कहा: “लगातार सीखते रहना ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इस सम्मेलन के माध्यम से हम डॉक्टरों को मेडिसिन और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी की नई जानकारी से सक्षम बनाने का प्रयास कर रहे हैं।”
मुख्य अतिथि श्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा:“नागपुर में मिडास हॉस्पिटल जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधा होना गर्व की बात है। मिडास का हॉस्पिटल उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर का इलाज यहीं नागपुर में उपलब्ध कराना है। इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में नई तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना और मरीजों को बेहतर सेवा व इलाज देने के लिए जागरूकता फैलाना है।”
उन्होंने आगे कहा, “मिडास पारिवारिक चिकित्सकों को नई-नई जानकारी देकर उन्हें प्रशिक्षित करने में भी अहम भूमिका निभा रहा है, ताकि वे मरीजों को बेहतर इलाज दे सकें। महाराष्ट्र सरकार का 2029, 2035 और यहां तक कि 2047 तक का एक लंबी अवधि का लक्ष्य है, जिसमें स्वास्थ्य व्यवस्था को मज़बूत करना शामिल है। रोबोटिक सर्जरी और रोबोटिक मेडिकल सेवाओं में प्रगति इस सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगी। मैं डॉ. श्रीकांत मुकेवार और डॉ. सौरभ मुकेवार को नागपुर में इतना उन्नत केंद्र स्थापित करने के लिए बधाई देता हूँ और सुझाव देता हूं कि ऐसे सम्मेलन विदर्भ के सभी जिलों में भी आयोजित किए जाने चाहिए ।”
कार्यक्रम का समापन डॉ. शुभंकर गोडबोले(ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी – जीपिकोॅन 2025) के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ और यह कार्यक्रम क्षेत्र में चिकित्सा क्षेत्र और मरीजों की देखभाल को और बेहतर बनाने की दिशा में एक और सफल कदम साबित हुआ।



