ग्राम पंचायत मारुड में पेयजल व्यवस्था लचर, नलों से आ रहा गंदा पानी

पांढुरना जबलपुर दर्पण।,सरकार द्वारा नल जल योजना अंतर्गत नई पाईप लाइन डालने के बावजुद नल से गंदा पानी ग्रामीणों को परोसा जा रहा है।ग्राम पंचायत मारुड में हर घर नल योजना अंतर्गत 80 लाख से ऊपर की राशी से ग्राम मे नई पाईप लाईन डालकर हर घर मे नल कनेक्शन प्रदाय करने के उद्देश से शासन की मंशानुसार कार्य तो प्रारम्भ हुआ किंतु यह कार्य एक साल से ज्यादा समय से सुरु है। जब की ग्राम के अनेको हिस्सो मे अभी भी पाईप लाईन नही बिछाई गई। ग्राम मे पहले जो पाईपलाईन है वह कई जगह लिकेज एवं जर्जर अवस्था में है। ग्रामीणों की शिकायत पर ग्राम में पिछले समय हुई पाणी की जाच में फ्लोराईड की मात्रा पाई गई थी। किसका कारण स्पस्ट था, पंचायत द्वारा पेयजल सप्लाई में जो पानी उपयोग में लिया जा रहा था। वह कोलीखापा बोरवेल का पाणी था वह पिणे योग्य नही जाच मे बताया गया था। पंचायत द्वारा कुछ दिनो तक वह बोरवेल बंद रखा गया। बाद में फीर अचानक उसे चालु कर ग्राम की पेयजल हेतु उसी पाणी का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे मे ग्रामवासियो के स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ खिलवाड का जिम्मेदार की जिम्मेदारी किसकी यह भी बड़ा प्रश्न खड़ा हो रहा है। जब के हर हर नल योजना अंतर्गत ग्राम में कुछ माह पूर्व ठेकेदार द्वारा खुदाई कर पाईप लाईन बिछाने के चलते नालियो में संग्रहित रुका हुआ गंदा पाणी कही नल के माध्यम से नागरिकों तक तो नही पहुच रहा।योजना अंतर्गत खोदी गयी सड़क के चलते ग्राम के आवागमन हेतु रास्ते सुचारु नही होना यह भी पंचायत के कार्य करने की नाकामी उजागर करता है । जिम्मेदार एवं पंचायत प्रतिनिधि की लापरवाही पर ग्रामवासी परेशान, ग्राम पंचायत की व्यवस्थाये लचर जिम्मेदार कौन ? जिम्मेदारो के ध्यानाकर्षण हेतु जनचेतना मंच संस्थापक विनोद गावंडे द्वारा एवं ग्राम के नागरीक शेषराव फरतोड , सुभाष गेडाम, चंद्ररोखर जुमडे द्वारा पेयजल व्यवस्था की वास्तविक स्थिति बताई गई।



