मध्य प्रदेश

बिना पंजीयन के चिकित्सा व्यवसाय करना दण्डनीय अपराध

मण्डला। सीएमएचओ से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अनेक फर्जी, झोलाछाप डॉक्टर बिना किसी पर्याप्त अर्हता, योग्यता तथा पंजीयन के जिले के विभिन्न ग्रामों में चिकित्सा कार्य कर रहे हैं। वर्तमान समय में कोरोना वायरस संक्रमण फैला हुआ है ऐसे में एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति से मरीजों का ईलाज किया जाकर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर धोखाधड़ी की जा रही है। बिना पंजीयन के चिकित्सा व्यवसाय किया जाना निम्नलिखित धाराओं के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

सीएमएचओ ने समस्त चिकित्सा व्यवसायी सभी चिकित्सा पद्धति, को निर्देशित किया जाता है कि अपनी वैध डिग्री या डिप्लोमा तथा अर्हता संबंधी दस्तावेज आवश्यक रूप से ऑनलाईन प्रस्तुत कर पंजीयन होने के बाद ही चिकित्सा कार्य करें क्योंकि मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 के अंतर्गत कोई भी चिकित्सक किसी भी उपचर्यागृह अथवा रूजोपचार संबंधी स्थापना को उसके संबंध में उसे रजिस्ट्रीकृत किये जाने पर ही तथा उसके लिये मंजूर अनुज्ञप्ति के निबंधनों के अधीन तथा अनुसार ही खोल सकता है अन्यथा नहीं। उन्हांेने कहा है कि चिकित्सा कार्य करने हेतु आवश्यक वैधानिक योग्यता एवं अर्हता तथा इस कार्यालय द्वारा चिकित्सा व्यवसाय हेतु जारी वैध अनुज्ञप्ति पत्र उपलब्ध होने पर ही चिकित्सा कार्य करें अन्यथा नहीं।

सीएमएचओ ने कहा है कि यदि आपके पास आवश्यक अर्हता या योग्यता संबंधित दस्तावेज है तो उससे संबंधित दस्तावेज एक सप्ताह के अंदर ऑनलाईन प्रस्तुत करने पर ही आपको चिकित्सा कार्य करने की अनुमति दी जायेगी। विधिवत पंजीयन उपरांत ही चिकित्सा कार्य करें। वर्तमान में एलोपैथी, आयुर्वेद एवं होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति मान्य है जिसके लिये एम.बी.बी.एस., बी.ए.एम.एस. एवं बी.एच. एम.एस. अर्हताधारी चिकित्सक आवेदन कर सकते है। एक सप्ताह के अंदर वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर पंजीयन नहीं करने की स्थिति में यह मानकर कि आपके पास चिकित्सा कार्य करने हेतु आवश्यक अर्हता या योग्यता संबंधी दस्तावेज नहीं है, उपर वर्णित धाराओं के उल्लंघन का दोषी मानकर एकतरफा कार्यवाही की जावेगी। साथ ही यह भी निर्देशित किया जाता है कि अपनी अर्हता पद्धति में ही ईलाज करें अन्य किसी भी पद्धति में ईलाज जैसे आयुर्वेद या आयुष चिकित्सक के यहां से ऐलोपैथी दवाईयां या ऐलोपैथी की अन्य चिकित्सा सामग्री पाया जाना गंभीर आपराधिक श्रेणी में माना जावेगा जिसके लिये संबंधित कठोर दंड के भागी होंगे ।

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