डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में विकसित करने केन्द्र सरकार में दूरदर्शिता का अभाव:तरूण भनोत

जबलपुर दर्पण। केन्द्र सरकार द्वारा पिछले वर्ष जबलपुर की पांच सहित देश भर की 47 आयुध निर्माणियों का निगमीकरण कर दिया गया, और आयुध निर्माणी बोर्ड को भंग कर उसके स्थान पर सात नवीन डी.पी.एस.यू. के अंतर्गत इन निर्माणियों को विभाजित कर दिया गया, किंतु जबलपुर जैसे महत्वपूर्ण शहर में पांच बड़ी आयुध निर्माणियों के होने के बावजूद भी जबलपुर को सात नवीन डी.पी.एस.यू. में से एक का भी मुख्यालय नहीं मिल सका। आयुध निर्माणियों में व्यवस्थाओं के सुधार के नाम पर केन्द्र सरकार द्वारा पूरी व्यवस्था को परिवर्तित कर निगमीकरण जैसा एकतरफा निर्णयों के कारण देश के रक्षा उत्पादन क्षेत्र में तमाम तरह की कठिनाईयां और चुनौतियां है, जिन्हें न केवल निर्माणियों को बल्कि इन निर्माणियों में कार्यरत हजारों की संख्या में कार्यरत कर्मचारियों के सामने भी तमाम तरह की भविष्य की चुनौतियां है। उक्त आरोप प्रदेश सरकार में पूर्व वित्तमंत्री एवं जबलपुर पश्चिम से विधायक तरूण भनोत ने रक्षा मंत्री के जवाब के परिपेक्ष्य में केन्द्र सरकार पर लगाया है।



