जंगली सूअर की हत्या कर दफनाने वाला मामला

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । जबलपुर जिले के मुख्यालय सीमा सिहोरा वन परिक्षेत्र ग्राम घुघरा में बने 250 एकड़ रकवा क्षेत्र में मेसर्स निसर्ग स्पात प्राइवेट लिमिटेड प्लांट में विगत दिवस 10/10/2025 अक्टूबर को सूचना प्राप्त होने पर डिप्टी रेंजर यादवेन्द्र यादव एवं बीट वन रक्षक जितेंद्र अग्रवाल एवं अन्य वन रक्षक कर्मचारी और डॉग स्कॉट की टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। देर रात्रि को जब दो मृत जंगली सुअर के मृत अवस्था में जमीन के 10 फिट अन्दर से जेबीसी मशीन की सहायता से मृत जंगली सूअर को बाहर निकाला गया। और उच्च अधिकारियों को अवगत कराते हुए उन्हें घटना की जानकारी प्रेषित की। साथ ही मृत जंगली सूअरों का पोस्टमार्टम अगले दिन कराने पत्र जारी किया गया। साथ ही जंगली सुअर को मारने में प्रयोग किए गए खूंटी, तार सहित उन्हें दफनाने में प्रयोग की गई जेबीसी मशीन की जप्त कर तीनों प्लांट कर्मचारी आरोपियों को पशु अधिनियम की कार्यवाही करते हुए न्यायालय सिहोरा में पेश कर जेल की कार्यवाही की गई थीं। जबकि इस घटना के तीन दिन पहले से ही दिनांक 07/10/2025 को अवगत रहा। अब सवाल उठता है कि? इस कार्यवाही में प्लांट को सील क्यों नहीं किया गया था। और अभी तक उच्च अधिकारी क्यों प्लांट पर मेहरबान दिखाई दे रहे है।
इस घटना को लेकर आई एफ एस अधिकारी आकाश गोस्वामी से फोन पर बात की गई तो उन्होंने सीधे डिप्टी रेंजर के ऊपर लापरवाही के आरोप लगा दिए। जबकि घटना दिनांक 10/10/2025 को शाम 5 बजे के दौरान उच्च अधिकारी घटना स्थल पर मौजूद रहे। और जंगली सूअरों को मृत देखा और पाया गया। फिर इन्होंने प्लांट को सील क्यों नहीं किया। क्या सारा खेल डिप्टी रेंजर के ऊपर रख दिया गया। और अपना उच्च अधिकारी रहते हुए पल्ला झाड़ लिया। इस जॉच पड़ताल में बड़ा ही प्रश्न खड़ा किया हैं?
अब देखना हैं कि पूर्व में भी हिरन, चीता जैसे मृत पाए गए हैं। पर इस प्रकार से को कार्यवाही नहीं की थीं।
क्यों लगा लाखों रुपयों लेनदेन के आरोप?
डिप्टी रेंजर एवं वन कर्मचारी को किया निलंबित –
घटना कार्यवाही के बाद सिहोरा, डीएफओ जबलपुर ने वन परिक्षेत्र कार्यालय सिहोरा में पदस्थ डिप्टी रेंजर यादवेंद्र यादव और वन रक्षक जितेंद्र अग्रवाल को जंगली सुअर के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया हैं। वहीं पत्र क्रमांक 23/10/20 को इंद्रकुमार बड़गईया को प्रभार सौंप दिया गया है।
वन विभाग की क्या उचित हैं ये कार्यवाही – घटना और जॉच के साथ साथ जप्त साम्रगी और उच्च अधिकारी के लिए लगा बड़ा प्रश्न?
मीडिया को दी डिप्टी रेंजर ने जानकारी – घटना की जानकारी देते हुए डिप्टी रेंजर यादवेन्द्र यादव ने बताया कि विगत दिवस हुई कार्यवाही में मुझे निलबिंत कर दिया गया हैं।



