रोते बिलखते छोड़ चले अपना आशियाना

कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने हटाया अतिक्रमण।
नरसिंहपुर.सांकल रोड स्थित 21 आशियाने आखिर प्रशासन के आंगे हार गए और रोते विलखते अपना आशियाना छोड़कर जाने को मजबूर हो गए।विगत वर्षों से सांकल रोड पर गरीब तबके के लोगों द्वारा मकान बनाकर निवास किया जा रहा था। जिसमें प्रशासन द्वारा पट्टे जारी कर दिए थे एवं उनके प्रधानमंत्री आवास योजना भी स्वीकृत कर दी गई थी जससे गरीब तबके के लोगों ने अपने मकानों को पक्का बना लिया था।लेकिन इन 22 मकानों के लोगों ने इन मकानों को भूमि स्वामी की निजी भूमि पर भी मकान बना लिए थे।जिसमें भूमि मालिक के द्वारा इनसे तोड़ने के लिये बार-बार आग्रह किया गया।जब आग्रह के बावजूद भी जब कोई निष्कर्ष नहीं निकला तो फिर भूमि मालिक के द्वारा कोर्ट में याचिका दायर की गई जिसमें कोर्ट के द्वारा फैसला भूमि मालिक के पक्ष में दिया गया।कोर्ट का फैसला आते ही प्रशासन ने आदेश का पालन करते हुए उक्त भूमि पर हुए अतिक्रमण को खाली कराने की कार्यवाही की गई। जब प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी तो लोगों द्वारा इस बात का विरोध भी किया गया एवं स्वयं तोड़ने के लिये समय भी मांगा गया।लेकिन प्रशासन द्वारा सख्ती से कार्यवाही कर अतिक्रमण को हटाया गया जिसमें क्षेत्रीय मजदूर के के अलावा भारी संख्या में पुलिसबल, एस.डी.एम, तहसीलदार,नगरपालिका अधिकारी भी मौजूद रहे।जमकर हुआ विरोध, प्रशासन ने भी दिखाई सख्ती।सकल रोड पर अतिक्रमण की कार्रवाई के दौरान लोगों द्वारा जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया गया जिसके चलते कुछ लोगों द्वारा पत्थरबाजी भी की गई।जिसमे जे सी बी मशीन के ड्राइवर को भी चोटें आई।लेकिन प्रशासन की सजग और सख्त रवैया के चलते बिना कोई दुर्घटना के अतिक्रमण को हटाया गया।पूर्व में भी जारी किए पट्टे, मिल गया पी.एम.आवास।सांकल रोड स्थित इन 22 मकानों को प्रशासन द्वारा पूर्व में पट्टे भी जारी कर दिये थे एवं उन मकानों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी दे दिया गया था।अब विचारणीय विषय यह है कि जब न्यायालय में इन मकानों के विवाद चल रहा था तो इन मकानों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ कैसे दे दिया गया।



