पौराणिक भक्ति प्रसंगों से ऊर्जान्वित होती रही २२१वीं कल्पकथा काव्यगोष्ठी

जबलपुर दर्पण । प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित राष्ट्रप्रथम हिन्दीभाषा सनातन संस्कृति एवं सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह ने बताया कि २२१वीं ऑनलाइन काव्यगोष्ठी में पौराणिक भक्ति प्रसंगों की काव्य चर्चा आयोजन को ऊर्जान्वित किया।
देव प्रबोधिनी एकादशी पर्व, खाटू नरेश श्याम बाबा जन्मोत्सव, रामभक्त बलिदान दिवस, एवं संत नामदेव जी जयंती को समर्पित भक्ति काव्य संध्या में देश भर से जुड़े विद्वान सृजनकारों के कार्यक्रम की अध्यक्षता सीवान बिहार के वरिष्ठ साहित्यकार बिनोद कुमार पाण्डेय ने की।
कुण्डली, दोहा, सजल, कवित्त, गीत, मुक्तक, काव्य रचनाओं के आयोजन के मुख्य अतिथि का पदभार इटावा उप्र के प्रबुद्ध साहित्य सुधि भगवानदास शर्मा प्रशांत ने सम्हाला।
कोंच जालौन उप्र के आशुकवि भास्कर सिंह माणिक के मंच संचालन का शुभारंभ नागपुर महाराष्ट्र के बहुमुखी प्रतिभा संपन्न काव्य मर्मज्ञ विजय रघुनाथराव द्वारा संगीतमय गुरु वंदना, गणेश वंदना, सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
इनके अलावा डॉ अंजू सेमवाल, डॉ श्याम बिहारी मिश्र, विजय डांगे, नंदकिशोर बहुखंडी, आत्म प्रकाश कुमार, ज्योति प्यासी, संपत्ति चौरे स्वाति, दिनेश कुमार दुबे, श्रीपति रस्तोगी, अमित पण्डा, डॉ मंजू शकुन खरे, रजनी कटारे, भगवान दास शर्मा प्रशांत, बिनोद कुमार पाण्डेय, भास्कर सिंह माणिक, दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा, पवनेश मिश्र आदि ने काव्य पाठ किया।
कार्यक्रम के अंत में आभार प्रकट करते हुए कल्पकथा संस्थापक दीदी राधा श्री शर्मा ने बताया कि कल्पकथा परिवार नवंबर २०२५ माह को बाल प्रतिभाओं के लिए समर्पित कर रहा है जिसमें कल्प भेंटवार्ता समेत अन्य कार्यक्रमों में देश विदेश से मेधावी बाल कलाकार जुड़ेंगे। तत्पश्चात सर्वे भवन्तु सुखिन: शांति पाठ के साथ कार्यक्रम को विश्राम दिया गया।



