अजाक कार्यालय में लोकायुक्त पुलिस की दस्तक, मचा हड़कंप

सीधी जबलपुर दर्पण । लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम द्वारा जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय सीधी में दबिश देते हुए भ्रष्टाचार संबंधी दस्तावेजो को जप्त किया है। टीम की दबिश देकर जनजातीय कार्य विभाग सहित समूचे कलेक्ट्रेट में हड़कंप मच गया।
बता दें कि गुरुवार को जिले के अनुसूचित जाति जूनियर बालक छात्रावास क्रमांक दो सिहावल में पदस्थ अधीक्षक अशोक पाण्डेय को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा गया था, जिस मामले की जांच करने आज शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम उप निरीक्षक उपेन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में पहुंची हैं, जांच की आंच से बचने क्षेत्र संयोजक राजेश पटेल मोबाइल बंद कर फरार हो गए हैं।
ज्ञातव्य हो कि हाल ही में सेवानिवृत्त हुए शिक्षक बशिष्ठ मुनि द्विवेदी द्वारा अपना जीपीएफ पास करवाने के लिए कार्यालय में भटक रहे थे, लेकिन जब उनकी समस्या का निराकरण नहीं हुआ, इसी बीच कार्यालय में ले देकर काम करवाने की महारथ हासिल करने वाले अधीक्षक अशोक पाण्डेय का फोन आया और उन्होंने कहा कि किया आपका काम हो जाएगा लेकिन आपको मुझसे मिलना पड़ेगा। अपने ही पैसा के लिए परेशान बशिष्ठ मुनि द्विवेदी ने अशोक पाण्डेय से संपर्क किया जहां यह बात हुई कि आपके प्रकरण को लेकर क्षेत्र संयोजक राजेश पटेल से बात हुई है, उसके लिए आपको 50 हजार रुपए देने होंगे। मजबूरी में फंसे बशिष्ठ मुनि द्विवेदी ने 50 हजार रुपए देने की सहमति दे दी और 40 हजार रुपए दे भी दिया। इसके बाद भी शेष राशि देने के लिए उन्हें परेशान किया जा रहा था जिसके चलते वह लोकायुक्त पुलिस रीवा की शरण में जा पहुंचे।
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रीवा ले गई दस्तावेज
लोकायुक्त पुलिस रीवा द्वारा जनजातीय कार्य विभाग सीधी में दबिश देकर इस मामले से जुड़े सभी दस्तावेज को जप्त कर लिया गया है। बताया गया है कि टीम द्वारा मौके पर दस्तावेजों का परीक्षण कर इस मामले से जुड़े सभी दस्तावेज अपने साथ ले गई है। सूत्र बताते हैं कि यह फाइल विभाग के और भी भ्रष्टाचार को उजागर कर सकती हैं, जिसमें कई चेहरे बेनकाब होंगे।
मौके से फरार हुए क्षेत्र संयोजक
लोकायुक्त पुलिस की टीम पहुंचने की खबर मिलते ही इस मामले में आरोपी बने क्षेत्र संयोजक राजेश पटेल मोबाइल बंद कर फरार हो गए हैं। टीम प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र संयोजक राजेश पटेल से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन वह फोन बंद कर रफूचक्कर हो गए हैं। जल्द ही उन्हें नोटिस भेज कर कार्यालय में तलब किया जाएगा। बता दें कि इस कार्यवाही से एक बार फिर भ्रष्टाचार को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाला जनजातीय कार्य विभाग (आदिवासी विभाग) सवालों के घेरे में आ गया है।
टीम में यह रहे शामिल
गुरुवार को छापामार कार्रवाई के बाद इस मामले के दस्तावेजों को खंगालने पहुंची लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम में 12 सदस्य शामिल थे। यह कार्यवाही निरीक्षक उपेन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में की गई है। जिसमें उनके साथ संदीप सिंह भदौरिया निरीक्षक, प्र.आर. मुकेश मिश्रा , पवन पांडे, आर. मनोज मिश्रा, लवलेश पांडे, दिलीप पटेल, जितेंद्र सिंह सहित अन्य कार्यालय के लोग शामिल रहें।



