नगर परिषद मझौली में सीएमओ नीतू सिंह गोंड के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित

जबलपुर दर्पण, मझौली। नगर परिषद मझौली में पदस्थ मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) श्रीमती नीतू सिंह गोंड के विरुद्ध पार्षदों ने सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया है। पार्षदों ने शासन से उनके स्थानांतरण की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सीएमओ के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार, मुख्यालय में निवास न करने और नकारात्मक कार्यप्रणाली के कारण नगर की व्यवस्थाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं।
निंदा प्रस्ताव के प्रमुख बिंदु
1. मुख्यालय में निवास नहीं
प्रस्ताव के अनुसार शासन के नियमों के तहत सीएमओ के लिए मुख्यालय में निवास अनिवार्य है। किंतु किराए का मकान लेने के बावजूद वे पिछले छह माह के कार्यकाल में एक भी दिन मझौली में नहीं रुकीं। इसके परिणामस्वरूप सफाई, पेयजल आपूर्ति और अन्य नगर सेवाओं का नियमित संचालन प्रभावित हुआ।
2. कार्यालय में सीमित समय उपस्थिति
पार्षदों का कहना है कि सीएमओ प्रतिदिन जबलपुर से मझौली आती हैं और कार्यालय में कम समय ही उपस्थित रहती हैं। दोपहर भोजन के नाम पर दो घंटे अनुपस्थित रहने और उसके बाद अल्प समय कार्य करने के कारण प्रशासनिक कार्यों में देरी हो रही है।
3. जनप्रतिनिधियों के प्रति असहयोगपूर्ण व्यवहार
प्रस्ताव में आरोप लगाया गया कि सीएमओ पार्षदों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार नहीं करतीं। वे न तो उनके फोन रिसीव करती हैं और न ही जनसंबंधी कार्यों पर अपेक्षित प्रतिक्रिया देती हैं। इससे जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
4. नगर विकास कार्यों में बाधा
पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि सीएमओ द्वारा जनहित से जुड़े प्रस्तावों को जानबूझकर रोका जाता है। नगर विकास से संबंधित मामलों पर उनका रवैया नकारात्मक रहा, जिससे कई कार्य लंबित पड़े हुए हैं।
5. कर्मचारियों में उदासीनता का माहौल
प्रस्ताव में कहा गया कि सीएमओ द्वारा नगर का नियमित भ्रमण न करने और कठोर व्यवहार के कारण कर्मचारियों में असहजता और उदासीनता बढ़ी है। इसका सीधा असर दैनिक कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है।



