भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष, नपा सभापति ओर काग्रेस के जिला कार्यवाहक अध्यक्ष ने सौपा ज्ञापन गरमाई राजनीति,,,

पांढुरना जबलपुर दर्पण । कलेक्टर कार्यालय भवन निर्माण मुद्दा अब जनमानस के विरुद्ध कुछ लोग ज्ञापन कलेक्टर को सौप कर अमरावती रोड पर कलेक्टर कार्यालय भवन निर्माण करने की मांग कर रहे है। क्यों कि काग्रेस ने इस मुद्दे को सड़क से विधानसभा तक पहुचाने का संकल्प लिया है। इसी लिए भाजपा अपने कुछ चुनिद्दा लोगो को इस मुद्दे पर सामने कर विषया अंतर करने की कोशिष में लगा है। पूरे विषय पर नजर डाले तो खास बात यह है कि भाजपा नगर मंडल उपाध्यक्ष ओर जिला काग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष और भाजपा के नपा सभापती ने यह पूरा मामला जनमानस के विरूद्ध पहुचाने का मन बनाया है। सोमवार को एक ज्ञापन जिला कलेक्टर के नाम कलेक्टर कार्यालय का निर्माण वरुड़ रोड पर करने की मंशा जाहिर की है। ज्ञापन सौपने आए सभी लोगो मे भाजपा के नेता को लाभ पहुचाने ओर काग्रेस के नेता को लाभ पहुचाने काग्रेस के कुछ लोग इस ज्ञापन में हाजिर रहे। लोगो का कहना है कि भाजपा मंडल के पदाधिकारी जिला काग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों का यह ऐसा कैसा समन्वय है कि जो जनता को छोड़ भु-माफियाओं की ओर दिख रहा है।इसी तरह यदि जनमानस की भावना का ध्यान रखते हुए, काग्रेस ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता यदि ऐसा करते है तो सबकी सुविधा प्रशासनिक समन्वय के साथ शहर के कृषि उपज मंडी में ही बन जाता।
दान की जमीन का सवेदनशील विषय- एक तरफ शहर की जनता दूसरी और मठ की जमीन हथियाने वाले अब इस पूरे विषय पर ध्यान दिया जाए तो कुछ सामाजिक दो चार लोग मठ की जमीन को महाराज से हथियाना चाहते है।इस पूरे विषय मे 1970 राजस्व भु-अभिलेख रिकार्ड के मुताबिक श्री गणपति मठ पांढुरना के सरभारकार करीबस अप्पा जंगम के नाम दर्ज था। परन्तु इस पूरे प्रकरण के एक पटवारी ने लगभग 1996-97 के करीब इस मठ के रिकार्ड में हेराफेरी कर व्यक्ति विशेष समाज का नाम जोड़ने का षड्यंत्र रचा ओर आज वर्तमान परिस्थितियों में इस खसरे में समाज उर्फ गणपति मठ संस्थान का नाम दर्ज है, अब इस किये गए आपराधिक कृत्य से बचने के लिए पटवारी फिर से एक नया षडयंत्र रच रहा है। और समाज के लोगो को गुमराह कर हमने जमीन दान में दी इस आशय का पत्र प्रशासन को देकर कलेक्टर कार्यालय उस जमीन पर निर्माण करने की क्या साजिश रच रहा है-? लोगो का कहना है कि आस्था से श्री गणपति मठ को दान की गई जमीन को पुनः प्रशासन को दान कैसे की, इस पूरे मामले में आर्थिक अपराध शाखा(ईओडब्ल्यू) एजंसी से जांच होनी चाहिए। क्यों कि मठ संस्थान में करोड़ो रूपये की जमीन के मामले में घोटाला होने का लोगो को संदेह है।
नेताओ की क्या भूमिका – इस पूरे मामले में सौसर विधायक विजय चोरे ने संदेह व्यक्त किया था कि यह पूरा मामला भु-माफिया से जुड़ा हुआ होने के नाते कलेक्टर कार्यालय भवन निर्माण उनके इशारे पर अमरावती रोड पर किया जा रहा है। हम लोग जनता के विरुद्ध यह कार्य हरगिज नहीं होने दिगें।दूसरी ओर भाजपा पांढुरना नगर मंडल उपाध्यक्ष ओर काग्रेस जिला कार्यवाहक अध्यक्ष नपा भाजपा सभापती और पटवारी को कुछ किसानों को लेकर एक साथ जिला कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौपते हुए देखा गया तो इस मुद्दे की सुई भु-माफियाओं के तरफ घूमते देखी जा रही है।



