उमरियापान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में ड्रेनेज कार्य में अनियमितता के आरोप

सतीश चौरसिया उमरियापान जबलपुर दर्पण । उमरियापान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में चल रहे ड्रेनेज सुधार कार्य को लेकर भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं । लंबे समय से परिसर में जलभराव की समस्या बनी रहने के कारण बारिश के मौसम में मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और उनके साथ आने वाले परिजनों को कीचड़, गंदगी और फिसलन के बीच अस्पताल तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था । कई बार मरीजों को स्ट्रेचर सहित गड्ढों और पानी से भरे हिस्सों को पार करना पड़ता था, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा था ।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए 16 अक्टूबर को कलेक्टर आशीष तिवारी ने उमरियापान प्रवास के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया था । निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने कलेक्टर को अस्पताल परिसर में लम्बे समय से चली आ रही जल निकासी की समस्या, खराब नाली व्यवस्था और बरसात के समय की असहनीय स्थिति के बारे में विस्तार से बताया । ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मौके पर मौजूद ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यजुर्वेन्द्र कोरी को तत्काल ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त कराने, नई नाली का निर्माण करवाने तथा कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे ।
कलेक्टर के आदेशों के बाद ग्राम पंचायत उमरियापान द्वारा नाली निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया, लेकिन निर्माण शुरू होते ही ग्रामीणों के बीच असंतोष बढ़ गया । ग्रामीणों का आरोप है कि नाली निर्माण में न तो तकनीकी मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही सामग्री की गुणवत्ता पर कोई ध्यान दिया गया । लोगों का कहना है कि यह कार्य सरपंच और सचिव की आपसी मिलीभगत से किया जा रहा है, जिसमें भारी भ्रष्टाचार होने की आशंका है । ग्रामीणों के अनुसार निर्माणाधीन नाली में कमजोर सीमेंट का उपयोग हो रहा है, मिट्टी की उचित भराई नहीं की जा रही है और आधार तैयार करने की आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है ।
ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण स्थल पर न तो कोई इंजीनियर या तकनीकी सहायक मौजूद रहता है और न ही कोई निरीक्षण करने आता है, जिसके कारण कार्य पूरी तरह पंचायत कर्मियों की मनमानी पर चल रहा है । लोगों का कहना है कि सरकारी धन को बिना गुणवत्ता के कार्य में खर्च करना सार्वजनिक विश्वास के साथ धोखा है और इससे आने वाले वर्षों तक समस्या जस की तस बनी रहेगी ।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गांव एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए एकमात्र प्रमुख स्वास्थ्य सुविधा केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं । ऐसे महत्वपूर्ण संस्थान की आधारभूत सुविधाओं में अनियमितता बरती जाना न केवल गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है, इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और पंचायत प्रबंधन आंखें मूंदे हुए हैं ।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नाली निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए, सामग्री परीक्षण कराया जाए और संपूर्ण कार्य का बारीकी से मूल्यांकन कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए । ग्रामीणों का कहना है कि अगर इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले बरसात के मौसम में दोबारा जलभराव और कीचड़ की समस्या उत्पन्न होगी, जिससे मरीजों, एंबुलेंस वाहनों और स्टाफ सभी को परेशानी का सामना करना पड़ेगा ।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजनाएं नागरिकों के हित में बनाई जाती हैं, लेकिन यदि जमीनी स्तर पर ही इनका भ्रष्टाचार में दुरुपयोग कर दिया जाए, तो जनता तक लाभ नहीं पहुंच पाता ।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की जांच कर सरपंच सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की जाए को ।



