ग्राम पंचायत उमरिया ढिरहा में उठे विवाद पर ग्रामीणों ने रखा अपना पक्ष, पीएम आवास योजना में नाम कटने से नाराज़ से ग्रामीण निवासी

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण। जबलपुर जिले के जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत उमरिया ढिरहा में उठे विवाद को लेकर अब ग्रामीण खुलकर सामने आ गए हैं। यहां मीडिया को जानकारी देते हुए ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जबलपुर कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन तथ्यों से परे और पूरी तरह निराधार है। आरोप एवं एक सामान ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत द्वारा सड़क निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार को किसी भी प्रकार की अवैध अनुमति नहीं दी गई है। वास्तविकता यह है कि सड़क निर्माण हेतु आवश्यक खनिज सामग्री की लीज के लिए पंचायत ने केवल नियमानुसार प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्ट्रेट कार्यालय की खनन शाखा को भेजा है। वहीं ग्रामीणों द्वारा महिलाओं एवं विपेन्द्र सिंह राजपूत ने बताया कि लीज स्वीकृत करने का अंतिम अधिकार पंचायत का नहीं बल्कि सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों के पास होता है। इसके बावजूद कुछ लोग जानबूझकर विकास कार्यों को रोकने और पंचायत की छवि खराब करने के उद्देश्य से गलत तथ्यों के आधार पर शिकायत कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सच्चाई सामने लाने और गांव में चल रहे विकास कार्यों को बिना किसी बाधा के जारी रखने की मांग की है। अब देखना हैं कि क्या इस ओर स्थानीय प्रशासन क्या सकती दिखाता है।



