जबलपुर के 75 हजार परिवारों को मिलेगा भरपूर पानी, अमृत 2.0 परियोजना के कार्यों ने पकड़ी रफ्तार

जबलपुर दर्पण | शहर की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और हर घर तक शुद्ध जल पहुँचाने के लिए नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने आज ‘अमृत फेज-2’ परियोजना की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से समझौता किए बिना इन्हें समय सीमा में पूरा किया जाए।
चार नई टंकियों का निर्माण शुरू, इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
बैठक में जानकारी दी गई कि शहर के चार प्रमुख स्थानों पर उच्च स्तरीय पानी की टंकियों के निर्माण हेतु भूमिपूजन के साथ ही कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। ये टंकियां सगड़ा, धन्वंतरि नगर, सत्यानंद विहार और कैलाशपुरी पहाड़ी
पर टंकियों के पूर्ण होने से पुराने उपभोक्ताओं के साथ-साथ लगभग 75,000 नए परिवारों को दोनों समय पर्याप्त दबाव के साथ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
जल शोधन संयंत्रों का कायाकल्प
निगमायुक्त ने बताया कि शहर की बढ़ती आबादी की जरूरतों को देखते हुए मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को भी अपग्रेड किया जा रहा है। ललपुर, रांझी और भोंगा द्वार स्थित जल शोधन संयंत्रों का जीर्णोद्धार कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।
क्षमता में वृद्धि
इस नवीनीकरण से प्लांट की वाटर प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ेगी।
बैठक में बताया कि ललपुर में 135 MLD क्षमता के नए इन्टेकवेल का निर्माण कार्य भी तीव्र गति से जारी है, जिससे भविष्य में जल संकट की संभावना को खत्म किया जा सके।
निगमायुक्त श्री अहिरवार ने अधिकारियों को बताया कि अमृत 2.0 परियोजना शहर की जीवनरेखा है। हमारा लक्ष्य है कि पाइपलाइन विस्तार और नई टंकियों के माध्यम से शहर के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी सुचारू रूप से जल आपूर्ति हो सके। बैठक में अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, सहायक यंत्री राजेश खंपरिया अंकुर नाग के साथ सभी कंसल्टेंट और ठेकेदार आदि उपस्थित रहे।

