सांसद आशीष दुबे की अध्यक्षता में जिला समन्वय एवं निगरानी समिति ‘दिशा’ की बैठक हुई संपन्न, जन हित जैसे कार्यों पर विशेष चर्चा

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण। जबलपुर जिले में सांसद आशीष दुबे की अध्यक्षता में जिला समन्वय एवं निगरानी समिति ‘दिशा’ की बैठक कलेक्टर सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान विधायक अजय विश्नोई, सुशील तिवारी इंदु, नीरज सिंह ठाकुर, संतोष बरकड़े, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोटिया, जनपद अध्यक्ष व अन्य जनप्रतिनिधि सहित कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गहलोत सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। जिसमें मुख्य रुप से स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, नहर, बिजली, कृषि, नगरीय विकास, यातायात प्रबंधन, सड़क व उपार्जन आदि विषयों की समीक्षा की गई। इसके पूर्व पिछली बैठक में दिये गये निर्देशों के पालन के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक में सांसद आशीष दुबे ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर कहा कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय तथा जनप्रतिनिधियों के तालमेल से विकासात्मक कार्य करें। जो भी समस्याऐं आती है, उनका उचित समाधान हो। उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था, सड़क व रोड रेस्टोरेशन में सुधार, हेंडपम्पों की शिकायत के साथ पेयजल से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के साथ किसानों से जुड़ी समस्याओं के समाधान करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि समस्याओं को लेकर अधिकारी, जनप्रतिनिधियों से लगातार पत्राचार करते रहें और सबकी जवाबदेही जनता के प्रति है अत: जनता व समाज के लिए कार्य करें तथा स्थानीय समस्याओं को स्थानीय स्तर पर निराकृत करें। इस बैठक में निर्धारित एजेंडे पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान विधायक अजय विश्नोई ने कहा कि अलग-अलग अस्पतालों में 108 एम्बुलेंस आवंटित हैं, अत: उन एम्बुलेंसों की आवंटित अस्पताल में उपस्थिति सुनिश्चित करायें। शहपुरा के पास ब्रिज क्षतिग्रस्त होने से वाहनों का डायवर्सन पाटन से हो रहा है जिससे पाटन की सड़कें खराब हो रही है, अत: उसका उचित प्रावधान करें। फसल बीमा का लाभ सभी पात्र व्यक्तियों को मिल जाये। लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट की दिशा में प्रभावी कार्य किया जाये। जिले में खाद की आवश्यकता का आंकलन पहले से सुनिश्चित करें और संजीवनी क्लीनिक में चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ की कमी की पूर्ति के लिए होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक चिकित्सकों के माध्यम से की जाये।
विधायक सुशील तिवारी इंदु ने कहा कि पाईप लाईन बिछाने के पहले पानी की टंकी बनाना सुनिश्चित करें तथा नालाओं को पक्का करने की दिशा में कार्ययोजना बनाई जाये। बायोमैट्रिक सिस्टम में बहुत से वृद्धजन नहीं आते,अत: उचित विकल्प सुनिश्चित किया जाये। इसके साथ ही उन्होंने अतिक्रमण रोकने की बात की। उन्होंने कहा कि जहां हेंडपम्प सूख गये हैं वहां पानी की समुचित व्यवस्था की जाये।
विधायक नीरज सिंह ने कहा कि उपार्जन केन्द्र सुविधाजनक स्थान पर हों, जिससे किसानों को असुविधा न हो। बरगी डेम की गैलरी में रिसाव के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने उसे ठीक करने के टेंडर प्रक्रिया की जानकारी ली। इसके अलावा राजस्व प्रकरणों जैसे अविवादित बंटवारे, नामांकन का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरणों के लंबित होने से किसान परेशान होते हैं।
विधायक संतोष बरकड़े ने कहा कि छीताखुदरी के विस्थापितों को पानी व समुचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाये। स्थानीय मछुआ समितियों को सक्रिय किया जाये, उसमें बाहरी लोगों का हस्तक्षेप न हो। बैठक में नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज ने भी पेयजल व्यवस्था के संबंध में अपनी बात रखी।
बैठक में सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने विभागीय योजनाओं व प्रगति के बारे में बारी-बारी से प्रजेनटेशन दिया। बैठक में अमृत परीयोजना, जल जीवन मिशन, जल निगम, आयुष्मान कार्ड, एचपी वैक्सीनेशन, ट्राफिक व्यवस्था, उपार्जन, उर्वरक वितरण, विद्युत व नहरों के रख-रखाव से संबंधित बातें प्रमुखता से हुई। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे बैठक में उठाये गये विषयों को प्राथमिकता से लेकर कार्य करें। इस दिशा में लापरवाही न बरती जाये।



