हाईकोर्ट ने मंदिर को निजी ट्रस्ट से पब्लिक ट्रस्ट में किया घोषित

जबलपुर दर्पण । गौरझामर जिला सागर स्थित देव दत्रातेय मंदिर का निर्माण पूर्व विधायक रतन सिंह लोधी की नानी द्वारा 1942 में कराकर उक्त मंदिर को लगभग तीन एकड़ जमीन भगवान देव दत्रातेय के नाम बेनामा निष्पादित कर विश्वनाथ रॉव् शेंडे को महत्त्म्कार नियुक्त कर सार्वजानिक न्यास का गठन किया गया था | उक्त मंदिर से लगी हुई जमीन के आस पास बस स्टेंड तथा शहर की बसाहट के चलते मंदिर से लगी हुई है । उक्त कृषि भूमि बेहद कीमती हो गई हैं, जिससे मंदिर के पुजारी के उत्तराधिकारियो द्वारा उक्त लोक न्याय की संपत्ति को हडपने के उद्देश्य से तथा अन्य ट्रस्टियो की जानकारी के बिना ही मध्य प्रदेश शासन के धर्मस्व विभाग एवं राजस्व अधिकारियो से मेलजोल कर लोक न्याय से व्यक्तिगत न्यास में नियम विरूद्ध तरीके से परिवर्तन करा लिया गया तथा आम लोगो का मंदिर परिषर में पुजारी द्वारा प्रवेश निषिद्ध कर दिया गया। तत्सम्वंध में लोक न्याय से व्यक्तिगत न्यास बनाए जाने की जानकारी जैसे ही अन्य ट्रस्टियो को पता चली तो उन्होंने तत्काल प्रदेश शासन के धर्मस्व विभाग/मंत्रालय में याचिका दायर कर प्रदेश शासन के धर्मस्व विभाग द्वारा पारित आदेश/अधिसूचना को शासन के क्षेत्राधिकार से बाहर बताया गया तथा मध्य प्रदेश लोक न्याय अधिनियम की धारा 36 के प्रावधानों का गलत व्याख्या करके जारी अधिसूचना को निरस्त करने का अनुरोध किया गया | शासन द्वारा समस्त पक्षकारो को समुचित सुनवाई का अवसर देने के बाद आदेश पारित कर समस्त कार्यवाही को प्रारंभ से शून्य घोषित कर लोक न्याय स्थापित किया गया | मध्य प्रदेश शासन के उक्त आदेश के विरूद्ध अरूण कुमार शेंडे द्वारा याचिका दाखिल की गई | उक्त याचिका की सुनवाई जस्टिस दीपक कुमार खोत द्वारा की गई | याचिका कर्ता के अधिवक्ताओ ने कोर्ट में तर्क किया की शासन को अपने आदेश में ट्रस्ट अधिनियम की धारा 36 के तहत परिवर्तन करने का विधिक अधिकार नही है और न ही शासन को पारित आदेश/अधिसूचना के संवंध में पुनर्बिचार करने का अधिकार है | अनावेदकगण की और से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, यसवंत सिंह लोधी के तर्क उपरांत हाईकोर्ट के उक्त आदेश के बाद ट्रस्टियो द्वारा मंदिर में पूजा अर्चना तथा प्रवंधन हेतु कुमारी रजनी कुशवाहा को मासिक वेतन पर मह्त्त्मकार नियुक्त कर दिया गया है तथा मंदिर परिषर आम जन को दर्शन पूजा अर्चना के लिए पुलिस की मोजूदगी में खोल दिया गया|



