जबलपुर दर्पण

प्रधानमंत्री की कैबिनेट में फेरबदल के बादल: अश्विनी वैष्णव, रवनीत सिंह बिट्टू सहित अन्य मंत्रियों की कुर्सी हो सकती है इधर-उधर

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट 3.0 के दो साल पूरे होने पर बड़े फेरबदल और विस्तार (Cabinet Reshuffle 2026) की अटकलें बेहद तेज होती नजर आ रहीं हैं। जिसकी मुख्य वजह हाल ही में केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हुई मुलाकात को माना जा रहा है। हालांकि, भाजपा सूत्रों के अनुसार सरकार की पहली प्राथमिकता आगामी मॉनसून सत्र है, जिसके तुरंत बाद या उसके आसपास इस बड़े प्रशासनिक व राजनीतिक बदलाव का परिवर्तन किया जा सकता है। वहीं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव: बदले जा सकते है- देखा जाए तो मंत्रालय का पोर्टफोलियो : वर्तमान में रेल, सूचना एवं प्रसारण और आईटी मंत्रालय संभाल रहे अश्विनी वैष्णव के पोर्टफोलियो में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राजनीतिक गलियारों में चल रही विभिन्न चर्चाओं के अनुसार, उनकी प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए उन्हें वाणिज्य मंत्रालय या वित्त मंत्रालय जैसी और भी अधिक भारी-भरकम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वहीं ढांचागत सुधारों के तहत रेल और सड़क परिवहन मंत्रालयों के विलय की अटकलें भी तेज दिखाई दे रहीं हैं। संभावित फेरबदल को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:कौन जा सकता है (संभावित विदाई या विभाग में बदलाव) सूत्रों के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनावों और संगठन को मजबूत करने के लिए करीब एक दर्जन से अधिक मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं या उन्हें हटाया जा सकता है। जॉर्ज कुरियन, इन्होंने हाल ही में केंद्रीय राज्य मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार भी कर लिया है। रवनीत सिंह बिट्टू: चर्चा है कि केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी जल्द इस्तीफा दे सकते हैं। पार्टी उन्हें पंजाब की सक्रिय राजनीति में बड़ी सांगठनिक भूमिका सौंप सकती है।निर्मला सीतारमण: कयास लगाए जा रहे हैं कि वर्तमान वित्त मंत्री को पार्टी संगठन में किसी बड़ी जिम्मेदारी के लिए भेजा जा सकता है या उनका पोर्टफोलियो बदला जा सकता है।वरिष्ठ/विवादास्पद चेहरे: कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 70 वर्ष से अधिक उम्र के कुछ मंत्रियों और विवादों में घिरे चेहरों को कैबिनेट से हटाकर संगठन के काम में लगाया जा सकता है। कौन आ सकता है (नए चेहरों की एंट्री) यह फेरबदल मुख्य रूप से युवाओं को मौका देने, क्षेत्रीय संतुलन साधने और चुनावी राज्यों को साधने के लिए किया जा रहा है। तरुण चुघ पंजाब में भाजपा के आधार को मजबूत करने और पंजाबी हिंदू चेहरे के रूप में राज्यसभा सांसद तरुण चुघ को कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। चुनावी राज्यों के चेहरे: पंजाब, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है, जहां आने वाले समय में कड़े चुनावी मुकाबले होने हैं। पूर्व नौकरशाह (Bureaucrats): शासन को प्रशासनिक तौर पर अधिक मजबूत करने के लिए कुछ वरिष्ठ पूर्व नौकरशाहों को भी मंत्रिपरिषद में एंट्री मिल सकती है। सरकार संसद में एनडीए (NDA)की ताकत बढ़ाने के लिए कुछ अन्य क्षेत्रीय दलों के सांसदों को भी शामिल करने पर विचार कर रही है। मंत्रालयों में क्या बड़े बदलाव संभव हैं? पीयूष गोयल और अश्विनी वैष्णव: चर्चा है कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को वाणिज्य या वित्त का प्रभार मिल सकता है। ऐसी भी अटकलें हैं कि ढांचागत सुधारों के तहत रेल मंत्रालय और सड़क परिवहन मंत्रालय को मिलाकर एक एकीकृत ‘सतह परिवहन मंत्रालय’ (Unified Surface Transport Ministry) बनाया जा सकता है।

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