अव्यवस्था के सहारे चल रहा है मैहर बस स्टैंड


मैहर। मिनी स्मार्ट सिटी का दर्जा मैहर शहर को केवल नाम के लिए मिला है मैहर बस स्टैंड केवल नाम का है क्योंकि रखरखाव के मामले में बस स्टैंड की हालत जर्जर है ना तो पानी पीने की सुविधा ना तो लाइट की सुविधा ऊपर से बस स्टैंड के समीप बने हुए सुलभ शौचालय भी साफ सफाई के मामले में सही नहीं है ऊपर से रात में शराबियों का अड्डा कहलाता है मैहर बस स्टैंड नगर पालिका से लगे हुए बस स्टैंड की हालत इतनी खराब है की रात में अगर कोई यात्री वहां रुक भी जाए तो शराबियों से नहीं बचता बस चालक तो वहां शाम 6:00 बजे के बाद वहां रहते ही नहीं क्योंकि अक्सर वहां पर यात्रीयो से लड़ाई झगड़े की खबर आती रहती है यहां तक की रखरखाव के मामले में देखा जाए तो बस स्टैंड में 20 सालों से ना तो कलर पुताई का काम ना तो सफाई का काम नाही दरवाजे खिड़की इतनी खराब हालत में है कि ऐसा लगता है यह बस स्टैंड 50 साल पुराना है नगरपालिका के पास होने के बावजूद नगर पालिका का ध्यान इस पर कभी क्यों नहीं गया इस संबंध में बस ड्राइवरो और वहां के कुछ लोगों से चर्चा की गई तो लोगों ने शिकायतों की पूरी किताब खोल डाली बताया गया की कई बार इसकी शिकायत हमने नगर पालिका में की है कि बस स्टैंड में अनावश्यक लोगों का आना-जाना बना है एवं पानी पीने के लिए नगर पालिका के सामने एक पानी का टैंकर नाम मात्र के लिए रखा हुआ है बस स्टैंड से लोग चलकर पानी पीने के लिए नगरपालिका तक आते हैं इस संबंध में जब नगर पालिका के अधिकारियों से जब बात करना चाही तो वो अपना मुंह चुराते हुए नजर आए आम जनमानस का कहना है कि अभी यह स्थिति है तो आने वाले 5 सालों में शायद बस स्टैंड केवल नाम के लिए ही रह जाए।



