जिले भर के प्राइमरी स्कूल भवनों के हालात जर्जर, हादसे की आंशका

स्कूल भवनों की मरम्मत कार्य कराने, जिम्मेदार नहीं कर रहे पहल
डिंडोरी, नंद किशोर ठाकुर।

जिले भर के सैकड़ों शासकीय प्राइमरी स्कूल व मिडिल स्कूल भवनों के हालत जर्जर हो चुके हैं, जिससे बरसात के दिनों में स्कूली स्टाफ सहित छात्र छात्राओं को खतरा बना हुआ है। ताज़ा मामला डिंडोरी जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत सरहरी में सामने आया है जहां प्राइमरी स्कूल भवन के पास बना अतिरिक्त कक्ष जर्जर हो गया है। हालत यह है कि दीवारों पर बड़े-बड़े छेद हो गए हैं, कभी भी लाखों रुपए के भवन धसक सकती है जिससे अनहोनी की आंशका बनी हुई है,बावजूद भवन की मरम्मत कार्य कराने जिम्मेदारों द्वारा कोई पहल न करना सवाल खड़ा कर रहा है। जर्जर भवन के आसपास खरपतवार भी उग आए हैं, लंबे समय से भवन की देखरेख व मरम्मत कार्य जिम्मेदारों नहीं कराई गई, जिससे अतिरिक्त कक्ष भवन दिनों दिन जर्जर होता जा रहा है,कभी भी भवन गिर सकता है,बावजूद जिम्मेदारों द्वारा भवन की मरम्मत कार्य कराने कोई ठोस पहल नहीं की गई।
- क्षेत्र के दर्जनों स्कूल भवन भी जर्जर
सर्व शिक्षा अभियान के तहत शासन द्वारा जिले के प्राइमरी स्कूलों सहित माध्यमिक शालाओं में अतिरिक्त कक्ष भवन बनाए गए थे,लेकिन इन भवनों की देखरेख व सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम जिम्मेदारों द्वारा नहीं कराई गई।बताया गया कि क्षेत्र में ऐसे दर्जनों प्राइमरी स्कूल व मिडिल स्कूल सहित अतिरिक्त कक्ष भवन बने हैं जो जर्जर हो चूकी है। भवनों की मरम्मत व सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदारों द्वारा ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे, जिस कारण क्षेत्र में बने दर्जनों सरकारी भवनों के हालबेहाल है। भवनभवनों की देखरेख व सुरक्षा व्यवस्था करने जिम्मेदारों द्वारा लापरवाही की जाती रही है, अब आलम यह है कि क्षेत्र के अधिकांश भवन धराशाई होने के कगार पर पहुंच चुके हैं, जो खतरे को आमंत्रण भी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जर्जर पड़े अतिरिक्त कक्षों की मरम्मत कराने की मांग की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।



