अंतराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शांतम प्रज्ञा आश्रम नशा मुक्त कार्यक्रम का आयोजन

जबलपुर दर्पण। करें योग रहें निरोग कार्यक्रम का आयोजन किया गया.इस कार्यक्रम में आश्रम में भर्ती होकर उपचार ले रहे नशा पीड़ितों ने सामूहिक योग अभ्यास किया योग अभ्यास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रुपेश पिंटू पटेल नगर उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने बताया कि योग का अभ्यास एक बेहतर इंसान बनने के साथ एक तेज दिमाग, स्वस्थ ह्रदय और एक स्वस्थ शरीर को पाने के तरीकों में से एक है।भारत में योग का इतिहास पुराना है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है। साल 2014 में पीएम नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इसकी पेशकश की थी। 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस प्रस्ताव को पूर्ण बहुमत से पारित किया था। 193 सदस्य देशों में से 177 सदस्यों ने, 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इस अवसर पर शांतम प्रज्ञा आश्रम के संचालक मुकेश कुमार सेन ने बताया कि
धैर्यं यस्य पिता क्षमा च जननी शान्तिश्चिरं गेहिनी
सत्यं सूनुरयं दया च भगिनी भ्राता मनः संयमः।
शय्या भूमितलं दिशोSपि वसनं ज्ञानामृतं भोजनं
एते यस्य कुटिम्बिनः वद सखे कस्माद् भयं योगिनः।।
ऊपर दिए गए श्लोक का तात्पर्य यह है कि नियमित रूप से योगाभ्यास करने से व्यक्ति पिता के समान रक्षा करने वाला साहस, माता के समान क्षमा और स्थायी मित्र बन जाने वाली मानसिक शांति जैसे कुछ बहुत अच्छे गुणों को ग्रहण कर सकता है। योग के नियमित अभ्यास से सत्य हमारी संतान, दया हमारी बहन, संयम हमारा भाई, पृथ्वी हमारी शय्या बन जाती है और ज्ञान हमारी भूख मिटाता है।
इसलिए हमें अपने दैनिक जीवन में नियमित योग करना चाहिए.
इस अवसर पर रुपेश पिंटू पटेल,राकेश सेन,सुनील पटेल, प्रवीण नामदेव, मुकेश कुमार सेन, संतोष अहिरवार,अजय सोनी आदि उपस्थित रहे।



