मण्डला दर्पणमध्य प्रदेश

महर्षि वाल्‍मीकि, सरदार पटेल और इंदिरा गाँधी को किया गया याद

जिला कांग्रेस कार्यालय में हुआ आयोजन

मंडला। जिला कांग्रेस कार्यालय में आदि काव्‍य रामायण के रचयिता ज्ञानी महर्षि वाल्‍मीकि का जन्‍मदिवस, स्वर्गीय सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्म दिन और स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गाँधी की पुण्य तिथि मनाई गई। इस दौरान महर्षि वाल्‍मीकि, स्वर्गीय सरदार वल्लभ भाई पटेल और स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गाँधी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा शुक्ला ने महर्षि वाल्‍मीकि, स्वर्गीय सरदार वल्लभ भाई पटेल और स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गाँधी के चित्र पर पुष्प अर्पित किये। उन्होंने आदि काव्‍य रामायण के रचयिता ज्ञानी महर्षि वाल्‍मीकि को महान संत बताया। उन्होंने कहा कि लोह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आजादी के बाद सभी रियासतों को भारत में कुशलतापूरक शामिल कर महान कार्य किया। स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री व गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल भारतीय स्वाधीनता संग्राम के अग्रणी योद्धा व भारत सरकार के आधार स्तंभ थे। आजादी से पहले भारत की राजनीति में इनकी दृढ़ता और कार्यकुशलता ने इन्हें स्थापित किया और आजादी के बाद भारतीय राजनीति में उत्पन्न विपरीत परिस्थितियों को देश के अनुकूल बनाने की क्षमताओं ने सरदार पटेल का कद काफी बड़ा कर दिया। देश की प्रथम महिला प्रधान मंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गाँधी के बारे में बताते हुए कहा कि उनमे बचपन से ही देश भक्ति कूट – कूट कर भरी थी। बचपन से ही वो स्वतंत्रता आंदोलनों में शामिल होती रही है। बतौर प्रधान मंत्री उन्होंने भारत का डंका पूरे विश्व में बजाया। जरुरत पड़ने पर भी वो विश्व की महा शक्तियों को भी आंख दिखाने में पीछे नहीं हटती थी। आज के ही दिन उनके निजी गॉर्ड ने गोलियों की बौछार कर भारत माता की महान बेटी को हमसे छीन लिया। इंदिरा जी ने भारत की एकता – अखंडता को हमेशा मजबूत करने का काम किया।

इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता भोजराज भोजू ने सरदार पटेल को अखंड भारत के शिल्पी बताते हुए उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी में सरदार पटेल ने उल्लेखनीय भूमिका निभाने के बाद रियासतों में बटे भारत देश को एक सूत्र में पिरोने का महान कार्य किया। उन्होंने अखंड भारत के सपने को साकार किया। वो देश के पहले उप प्रधान मंत्री व गृह मंत्री थे। उनके द्वारा किये गए कार्य आज भी लोगों को प्रेरित करते है।

वाल्मीकि मंदिर में की पूजा –आदि काव्‍य रामायण के रचयिता ज्ञानी महर्षि वाल्‍मीकि का जन्‍मदिवस मंडला में पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। महात्मा गाँधी वार्ड स्थित महर्षि वाल्‍मीकि मंदिर में सुबह से ही उनके अनुयायियों की भीड़ लगी रही। जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा शुक्ला के साथ वाल्मीकि मंदिर पहुंच कर पूजन अर्चन किया। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमित शुक्ला ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार वैदिक काल के महान ऋषि वाल्‍मीकि पहले डाकू थे लेकिन जीवन की एक घटना ने उन्हें बदलकर रख दिया। वाल्‍मीकि असाधारण व्यक्तित्व के धनी थे शायद इसी वजह से लोग आज भी उनके जन्मदिवस पर कई विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। वाल्मीकि का जन्म महर्षि कश्यप और अदिति की 9वीं संतान वरुण और पत्नी चर्षणी के घर हुआ था। वाल्मीकि से पहले उनका नाम रत्नाकर हुआ करता था। सबसे पहले महर्षि वाल्मीकि ने ही संस्कृत भाषा में रामायण लिखी।

ये रहे उपस्थित –इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा शुक्ला, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमित शुक्ला, वरिष्ठ नेता भोज राज भोजू, अनूप वासल, अदीब गौरी, संजय चौरसिया, संतोष दुबे, अमित पांडेय, दीपक सोनी, हेमंत मोदी, सतीश झरिया, महेंद्र पटेल, हमराज अख्तर सुभाष पांडे, छवि कछवाहा, सैयद मंजूर अली, कुलदीप कछवाहा, हनी बर्वेआनंद तिवारी राजीव सोनी, शिवम् तिवारी, अनीता चंदेल, सुष्मिता लाल, सुमन श्रीवास, रेशमा अल्वी आदि उपथित थे।

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