धनलक्ष्मी के आने के बाद भी अवैध खनन जारी

अवैध खनन एवं माफियाओं की गुंडागर्दी रोकने में नाकाम साबित हो रहा प्रशासन
पवन कौरव गाडरवारा। ग्राम पनागर में फिर हुआ रेत को लेकर खूनी संघर्ष दो पक्षों में हाइवे पर जमकर चले धारदार हथियार लठ्ठ गन्ना काटने का कोता जिसमें चार घायल घायलों का ईलाज सालीचौका सामुदायक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा । जबसे धनलक्ष्मी कंपनी का ठेका हुआ उसी समय जिले की फिजाओं में खून खराबा लड़ाई झगड़े की वारदातें में लगातार इजाफा हो रही प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली का ही नतीजा है कि खून खराबे जैसी घटनाएं अब आम हो गई जिसकी वजह है धनलक्ष्मी कंपनी की तानाशाही धनलक्ष्मी कंपनी के कुछ लोग जहां भी अपनी स्वीकृत खदान है चला रहे हैं वहां पर कुछ ग्रामीणों पर अपना हाथ रख कर उनसे रेत का परिवहन कराते हैं जिसकी रॉयल्टी वह नही देते जब भी कंपनी की सह पर ट्रेक्टर पकड़ाते उनपर पुलिस प्रशासन कार्यवाही नही करता और कंपनी कुछ समय बाद पकड़े गए ट्रेक्टर की रॉयल्टी जारी कर देती और यही काम दूसरे ट्रेक्टर चालको द्वारा किया जाता तो धनलक्ष्मी उस पर प्रशासन से सख्त से सख्त कार्यवाही करवा देती जिससे दोनो पक्षो में विवाद होने लगता है इस झगड़े में भी यही हुआ एक दिन पहले धनलक्ष्मी की शह पर चल रहे ट्रेक्टर को ग्रामीणों ने पकड़ा तो उस पर पुलीस द्वारा यह कहकर छोड़ दिया गया कि उसकी रॉयल्टी आ गई हैं दूसरे दिन धनलक्ष्मी ने दो ट्रेक्टर पनागर से पकड़कर खुद धनलक्ष्मी के आदमी पकड़कर थाने ले आये और उस पर करवाही करने पुलिस को दबाव दिया सुबह 20 दिसम्बर को फिर उसी ट्रेक्टर को जिसको धनलक्ष्मी चलवा रही ग्रामीणों पकड़ लिया पुलिस का फिर ढुल मुल रवैया रहा रेत से भरी ट्रॉली छोड़कर पुलिस खाली ट्रेक्टर को ले आई जिससे ग्राम पनागर में दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया सालीचौका पुलिस मौके पर पहुचे सूचना मिलते ही गाडरवारा टीआई भी मौके पर पहुँचे जहाँ पर पुलिस इस मामले को ग्रामीणों की आपसी लड़ाई बताकर धनलक्ष्मी के द्वारा फूट डालो राज की राजनीति पर पर्दा डाल रही यही वजह की जिले में लगातार रेत के मामले में खूनी संघर्ष अनावृत जारी हैं पुलिस प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली के नतीजा है ।



