सालों बाद स्वास्थ्य सुरक्षा पर बड़ी कार्यवाही

पांढुरना जबलपुर दर्पण । नवागत कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ के दृढ़ संकल्प ने पांढुरना में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक स्पष्ट संदेश दिया है। उनके निर्देश पर शुरू हुए ‘ऑपरेशन शुद्ध दवा’ के तहत बुधवार को नगर के सात मेडिकल स्टोर्स पर बड़ी कार्रवाई की गई। इस संयुक्त अभियान में एक भाजपा नेता के लाइसेंस विहीन स्टोर को सील किया गया,गुजरी स्थित भाजपा नेता मोनू जैस्वाल ने कहा कि लाइसेंस नवीनीकरण के लिए छिन्दवाड़ा औषधि विभाग में आवेदन दिया था। लेकिन उस पर को सुनवाई नहीं हुई। इसी के साथ गुजरी चौक के नरेंद्र मेडिकल स्टोर्स से दो एक्सपायरी कप सिरप(यूरोजोन ओर इसथेली) जप्त किये गए, वही शारदा मार्केट स्थित साई मेडिकोज एक्सपायरी डेट च्यवनप्राश जप्त करने के साथ, की दवाइयाँ ज़ब्त की गईं।हालांकि सभी मेडिकल से स्टॉक आवक जावक पंजी रजिस्टर को भी जब्त किया गया है। जांच दल ने जय भवानी मेडिकल, सतीजा मेडिकल, वैष्णवी मेडिकल और प्रेम मेडिकल की भी जांच की। इन सभी मेडिकल स्टोर्स में सब कुछ सही पाया गया।
निरंतर जारी रहेगी कार्रवाई:- सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने निर्देश दिए हैं कि पांढुर्णा नगर में जन-स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा। यह कड़ी जाँच और निगरानी की कार्यवाही निरंतर चलती रहेगी और आने वाले दिनों में भी अन्य क्षेत्रों के मेडिकल स्टोर्स और स्वास्थ्य केंद्रों की जाँच की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पांढुरना के नागरिकों को केवल मानक और वैध दवाइयाँ ही मिलें। जांच टीम में अनुविभागीय अधिकारी (SDM) श्रीमती अलका एक्का और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) श्री ब्रिजेश भागर्व, तहसीलदार श्री विनय प्रकाश ठाकुर और थाना प्रभारी श्री अजय मरकाम, BMO डॉ. दिपेन्द्र सलामे और BEE श्री सुरेश कुमार टेकाम ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से तकनीकी पहलुओं और दवाइयों की जाँच का कार्य अत्यंत ज़िम्मेदारी और पारदर्शिता से गया गया।
पांढुरना क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र में भी दवाई विक्रताओं की जांच की मांग उठी:- पांढुरना क्षेत्र आदिवासी बहुलक क्षेत्र होने के चलते, कई ग्रामीण इलाकों में अवैध मेडिकल स्टोर लगाकर आदिवासियों को दवाइया बेची जा रही है, यही नही तो क्षेत्र के किराना दुकानों में भी मेडिसीन बेची जा रही है। इसी के साथ झोला छाप डॉक्टरों द्वारा भी अपने निजी क्लिनिकों में भी मेडिसिन के साथ लिक्विड दवाइया बेची का रही है। सालों बाद नगर में मेडिकल स्टोर्स की जांच उपरांत जनता की माने तो ग्रामीण क्षेत्र में फर्जी मेडिकल स्टोर बनांकर दवाइया बेचने वालों की भी जांच होनी चाहिए। नगर में संचालित होने वाले मेडीकल स्टोर में एक्सपायरी दवाइया भेजी जा सकती है। तो आदिवासी बहुलक क्षेत्र के ग्रामीण इलाको का क्या हाल होगा यह जांच उपरांत ही बड़ा मामला बाहर आने की उम्मीद जताई जा सकती है।



