कटनी दर्पणपर्यटन स्थलमध्य प्रदेश

पहचान खोता जा रहा पुरातत्व वैभव का ऐतिहासिक मंदिर

कटनी/रीठी दर्पण। कटनी जिले की रीठी तहसील अंतर्गत बड़गांव में पुरातत्व विभाग का ऐतिहासिक मंदिर अपनी पहचान खोते जा रहे हैं। पुरातन काल में यहां राजा महाराजा अपना साम्राज्य फैलाए हुए थे खण्डहर हो चुके राज दरबार और पत्थरों पर उकेरी गई अद्भुत कलाकृतियां पुरातन काल की वैभव गाथा को दर्शाती हैं।कहने को तो पुरातत्व विभाग के माध्यम से पुरातात्विक धरोहरों ,स्मारकों अवशेषों आदि को सहेजने, सुरक्षित रखने की कवायद की जाती है लेकिन बड़गांव स्थित पुरातत्व विभाग के मठ – मंदिरों को देखकर ऐंसा लगता है कि यह सिर्फ कागजों तक ही सीमित है।

कभी लगता था राज दरबार, आज बिखरे पड़े हैं पत्थरों के अवशेष

पुरातत्व वैभव की दृष्टि से बड़गांव ऐतिहासिक नगरी है।लेकिन विभागीय उपेक्षा के दंश के कारण यहां विकास संबंधी पहल नहीं की जा सकी है। गांव में पुरातन कलाकृतियों से गढ़े पत्थर इधर-उधर विखरे पड़े हैं।वर्षों पूर्व
केन्द्र सरकार के अधीन पुरातत्व विभाग ने सर्वेक्षण में सिर्फ दो जगहों को चिन्हित कर अपने संरक्षण में ले लिया था।लेकिन गाँव के लोग बताते हैं कि पूरे गाँव में ये अवशेष पत्थरों के रूप में अपनी जगह बनाये हुए हैं जिन्हें सहेजने में विभाग रुचि नहीं दिखा रहा है नतीजतन ये पुरातन अवशेष नष्ट होते जा रहे हैं।

आज भी मौजूद हैं पत्थरों पर बनी अद्भुत कलाकृतियां

पुरातन काल में राजाओं के द्वारा पत्थरों पर कराई गई खूबसूरत नक्काशी और चित्रकारी को देखकर उनके कलाप्रेमी होने का प्रमाण मिलता है। गांव में आज भी पत्थरों पर हांथी, घोड़ा, हिरण, कमल के फूल, सैनिक, नृत्यांगना, कलश इत्यादि की उभरी हुई आकृतियां और नक्काशी मौजूद हैं जिनमें से कुछ को पुरातत्व विभाग ने अपने सरंक्षण में लिया है और बांकी की कलाकृतियों से सुसज्जित पत्थर दुर्दशा के आंसू रोने को मजबूर हैं।

जिम्मेदारों की उदासीनता से नहीं हो सकी विकास की पहल

पुरातत्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता और लोगों में प्राचीन धरोहर के प्रति जागरूकता की कमी के कारण ना तो यहाँ विकास सम्बन्धी कोई पहल की जा सकी है और ना ही इसे पर्यटक स्थल बानाया जा सका। तत्कालीन जिला कलेक्टर श्री विशेष गढ़पाले ने बड़गांव दौरे के दौरान सोमनाथ मठ और विषणु मंदिर आदि के दर्शन किए थे तथा मंदिरों के पत्थरों पर उकेरी गई अद्भुत कलाकृतियों और खूबसूरतश नक्काशी को देखकर वे स्वयं दंग रह गए थे।उन्होंने इतनी खूबसूरत कलाकृतियों के प्रचार प्रसार न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसे अपनी विजिटिंग डायरी में नोट किया था।

ग्रामीणों ने की पर्यटक स्थल बनाने की मांग

बड़गांव में सोमनाथ मठ, विष्णु मंदिर तथा सती स्मृतियों के अलावा शिलालेख और पत्थरों की मूर्तियां मौजूद हैं। आभाज जैन, आषीश जैन, प्रतीक कुमार जैन, कमलेश, अरविंद, राजकुमार, राजेन्द्र, ब्रजकिशोर, सहित अन्य ग्रामीणों ने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से गांव में अन्य जगहों पर फैली असुरक्षित धरोहरों को सहेजते हुए इन कलाकृतियों का प्रचार प्रसार करने की मांग की है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने सरकार से पुरातात्विक नगरी बड़गांव को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किये जाने की मांग की है।

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