जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

गायत्री शक्तिपीठ, जबलपुर आदर्श शक्तिपीठ सम्मान से सम्मानित

जबलपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में 4000 से अधिक गायत्री शक्तिपीठो मे  से जबलपुर गायत्री शक्तिपीठ को पूरे भारत की 24 आदर्श शक्तिपीठों में चयनित किया गया है, पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के आध्यात्मिक जन्म दिवस बसंत पंचमी के पावन पर्व पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के  मुख्यालय शांतिकुंज, हरिद्वार में संस्था प्रमुख डॉ  प्रणव पंड्या जी द्वारा मुख्य ट्रस्टी एवं ट्रस्ट मंडल के सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा ! गायत्री परिवार  जबलपुर के जिला समन्वयक श्री बी वी शर्मा जी  द्वारा बताया गया कि  गायत्री शक्तिपीठ  जबलपुर की स्थापना  परम पूज्य गुरुदेव के कर कमलों द्वारा 23 जनवरी 1982 को  की गई थी, तभी से गायत्री शक्तिपीठ, जबलपुर द्वारा  मानव जाति के कल्याण हेतु अनेक  सामाजिक सरोकार से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं, जिसके तहत संगीत से संस्कार की ओर ले जाने वाली प्रतियोगिता वॉइस ऑफ प्रज्ञा का सफल संचालन, आओ गढ़े  संस्कारवान पीढ़ी के तहत पुंसवन संस्कार के  क्रम में प्रति रविवार शक्तिपीठ मनमोहन नगर पर  गर्भवती महिलाओं को इसके  वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक महत्त्व को बताते हुए गर्भ में ही शिशु  में संस्कार डालने प्रेरणा प्रदान की जाती है,  इस  संस्कार परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए यूट्यूब एवं सभी सोशल मीडिया के माध्यम से इसे घर-घर पहुंचाया जा रहा है,  गौ संवर्धन एवं यज्ञ के महत्व को  प्रतिपादित करते हुए नैनो यज्ञ पद्धति को प्रारंभ कर आज 10 से अधिक  देशों  में   इसे पहुंचाया गया , अन्नपूर्णा योजना के तहत अस्पताल में भर्ती मरीजों के सहायक व्यक्तियों के लिए निशुल्क भोजन की व्यवस्था जबलपुर के  शासकीय अस्पतालों पर गायत्री परिवार द्वारा की जा रही है, दहेज रहित  विवाह  को प्रोत्साहित करने हेतु गायत्री शक्तिपीठ पर प्रत्येक वर्ष सैकड़ों शादियां संपन्न कराई जाती है,  गृहे  गृहे  गायत्री यज्ञ के तहत 5000 से अधिक घरों में इस वर्ष यज्ञ संपन्न कराकर परिवार में संस्कारों  के  बीजारोपण का प्रयास किया गया ! कोविड-19 महामारी के समय में घर- घर ,  गांव – गांव में भोजन, राशन, वस्त्र एवं दवाइयों को  गायत्री शक्तिपीठ के कर्मठ कार्यकर्ताओं द्वारा  विषम परिस्थितियों में भी पहुंचाया गया !   पहली से पांचवी के निर्धन विद्यार्थियों हेतु शक्तिपीठ पर  गायत्री संस्कार शाला  का संचालन भी किया जा रहा है,  राष्ट्र की भावी पीढ़ी में संस्कारों के बीजारोपण हेतु बाल संस्कार शालाओं  का संचालन भी क्षेत्रवार किया जा रहा है, वृक्ष गंगा अभियान के तहत इस वर्ष 4 हजार से अधिक पौधों का सफल रोपण किया गया,  साहित्य विस्तार केंद्र  द्वारा सदज्ञान के प्रसार हेतु का  साहित्य का निशुल्क वितरण किया जा रहा है,  विद्यार्थियों के चिंतन को  प्रगतिशील आयाम देने चलाई जा रही भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में  प्रतिवर्ष 20000 से अधिक विद्यार्थियों को सम्मिलित कराया जाता हैं,  शक्तिपीठ को आदर्श शक्तिपीठ  के रूप में स्थापित करने में युवा मंडल , महिला मंडल, विभिन्न प्रज्ञा मंडलो, प्रज्ञा पीठों ,  शहर की सामाजिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं, बुद्धिजीवियों श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा,  जिसके लिए मुख्य ट्रस्टी प्रमोद राय द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया एवं आगे भी सहयोग की   अपेक्षा की है।

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