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नशे से बाइपोलर डिसआर्डर होने की संभावना अधिकः संचालक मुकेश सेन

व्यवस्थित दिनचर्या , नशे को त्यागकर और मनोचिकित्सा से दूर होता है बाइपोलर डिसऑर्डर

जबलपुर दर्पण। 30 मार्च वर्ल्ड बाइपोलर डिसऑर्डर डे के अवसर पर शांतम प्रज्ञा आश्रम नशा मुक्ति , मनो आरोग्य दिव्यांग पुनर्वास केंद्र गोहलपुर मालगुजार परिसर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम ‘Strength for Today, Hope for Tomorrow’ अर्थात” आज की शक्ति कल की आशा” है।इस अवसर पर आश्रम में उपचार ले रहे नशा पीड़ित मरीजों को क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट मुकेश कुमार सेन ने बाइपोलर डिसऑर्डर के बारे में बताया कि बाइपोलर डिस्‍आर्डर एक कॉम्प्लेक्स मानसिक बीमारी है, जिसमें रोगी का मन लगातार कई महीनों या हफ्तों तक या तो बहुत उदास रहता है या फिर बहुत ज्यादा उत्साहित रहता है। यह एक साइक्लिक डिसऑर्डर है, जिसमें पीड़ित व्यक्ति की मनोदशा बारी-बारी से दो अलग और विपरीत अवस्थाओं में जाती रहती है। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें पीड़‍ित व्यक्ति के व्यवहार में तेजी से परिवर्तन आने लगता है। ऐसा व्‍यक्ति अचानक से तनाव में आ जाता है और उसका आत्‍मविश्‍वास एकदम से चरम पर हो जाता है। जबकि दूसरे ही पल में वह एकदम शांत हो जाता है। इस बीमारी में कई बार व्यक्ति चाहकर भी अपने व्यवहार पर नियंत्रण नहीं रख पाता। आमतौर पर यह बीमारी नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों में अधिक पाई जाती है।बाइपोलर डिसऑर्डर की समस्‍या उनमें भी पाई जाती है जो नशीले पदार्थो का सेवन डिप्रेशन से छुटकारा पाने या दिमाग को शांत रखने के लिए करते हैं। नशीले पदार्थों से दूर रहें क्‍योंकि सिगरेट या शराब के सेवन से तनाव घटने की बजाय बढ़ता है और तनाव बाइपोलर डिसऑर्डर को बढाता है।अनुमान है कि देश में लगभग एक फीसदी लोग इस बीमारी के शिकार है। महिला और पुरुष ही नहीं, बल्कि बच्चे भी इसकी पहुंच से बाहर नहीं है। आमतौर पर 20 वर्ष की आयु में इस बीमारी की शुरुआत होती है, लेकिन अब 14 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों में भी इसके लक्षण देखे जा सकते हैं। इस बीमारी से बचने के लिए व्यक्ति का नजरिया और आत्मविश्वास बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। आप किस तरह खुद को संभालते और ढालते हैं, यही इस बीमारी को आपसे दूर रखने में मदद करता है। मादक द्रव्यों के सेवन से दूर रहकर बाइपोलर डिसऑर्डर से बचा जा सकता है। अतः अंत में सभी को नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा दिलाई गई।इस अवसर पर क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट मुकेश कुमार सेन , स्पेशल एजुकेटर संतोष अहिरवार,अजय सराफ आदि सदस्य उपस्थित रहे।

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