जिले की सरकारी स्वास्थ व्यवस्थाए कमजोर

पन्ना। शासकीय स्वास्थ केन्दो की स्थिती बदतर होने के चलते इस समय झोलाझाप डॉक्टरो की चांदी है तथा उनके द्वारा ही लगातार मरीजो का इलाज किया जा रहा है वर्तमान समय मे मौसम बदलते ही जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रो मे हर घर मे सर्दी, जुकाम, बुखार के लोग पीडित है प्राथमिक स्वास्थ केन्द्रो तथा सामुदायिक स्वास्थ केन्दो मे डॉक्टरो तथा अन्य स्टाप की भारी कमी है जिसके चलते अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र बन्द मिलते है लोगो को ईलाज नही मिलता है जिसके कारण पीडित बीमार लोग गांव गांव मे फैले झोलाछाप डॉक्टरो के पास जाते है उनके द्वारा अपने हिसाब से मनमाने ढंग से इलाज करके राशि ऐठी जाती है लेकिन लोगो की मजबूरी झोलाझाप डॉक्टरो से ईलाज कराना है क्योकी स्वास्थ केन्द्रो मे भारी अव्यवस्थाए है लोगो को ईलाज नही मिल पा रहा है जिले मे 21 सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र है तथा लगभग 150 प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र खुले है भवन बने हुए है लेकिन डॉक्टर तथा अन्य स्टाप न होने के कारण स्वास्थ सुविधाए बदतर बनी हुई है। जिले के शाहनगर, कल्दा, रैपुरा, सिमरिया, मोहन्द्रा सहित दुरस्थ अंचलो मे स्वास्थ सुविधाओ की स्थिती बदतर है।



