आश्रम के प्रांगण में बनाई गई बाबा की समाधि स्थल, संत समाज रहा मौजूद

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो।जिले के समनापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कुकर्रामठ गांव में स्थित ऐतिहासिक ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के आश्रम में लम्बे समय से आश्रम की देखरेख व पूजा-पाठ कर रहे मृदुभाषी, मिलनसार, आध्यात्मिक गुरु, संन्यासी श्री श्री 108 नर्मदा नंद जी महाराज का शुक्रवार सुबह लगभग 6 बजे जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान लगभग 60 वर्ष की आयु में दुखद निधन हो गया।दुखद घटना की सूचना के बाद से ही आसपास गांवों के लोगों सहित जिले के संत समाज में शोक ही लहर व्याप्त रही। गौरतलब है कि श्री नर्मदा नंद जी महाराज जिले के संत समाज मंडल के अध्यक्ष भी रहे हैं, अब उनके ब्रह्मलीन हो जाने के बाद संत समाज मंडल का अगला अध्यक्ष की नियुक्ति सहित आश्रम की देखरेख, व्यवस्था आदि करने में फिलहाल परेशानी होगी। दुखद घटना के बाद आश्रम के प्रांगण में ही ब्रह्मलीन हुए संत की समाधि स्थल बनाई गई, जहां विधि विधान से संत मंडल की मौजूदगी में आध्यात्मिक गुरु नर्मदा नंद जी महाराज के मृत आत्मा रूपी शरीर की पूजा,पाठ करने के बाद आश्रम के प्रांगण में ही समाधि दे दी गई।आश्रम में दर्शनार्थ के लिए जिले भर से कई साधु, संत सहित गांव गांव से लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंच थे।



