चरणबद्ध रूप से अनलॉक की प्रक्रिया अपनाएं : श्री चौहान

मण्डला। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ आगामी कोरोना कर्फ्यू में छूट के संबंध में वीसी के माध्यम से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कोरोना कर्फ्यू में छूट की प्रभावी रणनीति बनाएं एवं चरणबद्ध तरीके से अनलॉक की प्रक्रिया अपनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के प्रकरण कम हो रहे हैं किंतु इसे पूरी तरह समाप्त करना है। संक्रमण के मामले में मध्यप्रदेश की स्थिति अन्य राज्यों से बेहतर है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता अनुसार कोरोना टेस्ट कराएं। श्री चौहान ने कोरोना पर नियंत्रण के संबंध में संकट प्रबंधन समिति के सभी अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों को बधाई दी। जिला मुख्यालय के एनआईसी कक्ष में कलेक्टर हर्षिका सिंह, पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत, एडीएम मीना मसराम तथा सहायक कलेक्टर अग्रिम कुमार उपस्थित थे।
श्री चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस से सावधानी अब भी बहुत जरूरी है, जहां कोरोना के मामले नहीं हैं वहां संक्रमण न आने पाए। इसी प्रकार जहां केस कम हुए हैं वहां संक्रमण बढ़ने ना पाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रभारी मंत्री एवं जिला दंडाधिकारी को कोरोना रोकथाम के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पॉजिटिव मरीज मिलने पर तत्काल उनके संपर्क में आए लोगों की कोरोना जांच कराएं। इसी प्रकार किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण पाए जाने पर उसे तत्काल कोविड केयर सेटर में भर्ती कराएं। जिन व्यक्तियों के सैंपल हुए हैं, वे रिपोर्ट आने तक अनिवार्यता होम आइसोलेट रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की दृष्टि से अगले 15 दिन बहुत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए जिला प्रशासन के साथ-साथ आम जनता को भी इसमें सहयोग करना आवश्यक है। श्री चौहान ने कहा कि तीसरी लहर रोकने के लिए पर्याप्त सतर्कता बरतनी होगी। प्रशासन तीसरी लहर की दृष्टि से आवश्यक तैयारियां पूरी रखें। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना शासन द्वारा बनाई जा रही है। श्री चौहान ने पंचायत स्तर की समितियों को कोरोना संक्रमण को रोकने जिम्मेदारियां सौंपने के निर्देश दिए। इसी प्रकार पंचायत स्तर समितियां अपने स्तर पर संक्रमण रोकने की रणनीति के संबंध में चर्चा अवश्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड अनुरूप व्यवहार को जीवन का अभिन्न अंग बनाना होगा। इसी प्रकार कोरोना से लड़ने में जन जागरूकता की भी व्यापक आवश्यकता है। लोगों को कोविड वेक्सीनेशन के लिए भी प्रेरित करना होगा। टीकाकरण के लिए लोगों की मानसिकता में सकारात्मक परिवर्तन लाना होगा। टीकाकरण को लगातार बढ़ाएं।



