रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी

कर्मचारी की मौत के बाद एनएसयूआई ने सौंपा ज्ञापन
जबलपुर दर्पण। एनएसयूआई प्रदेश सचिव अदनान अंसारी के नेतृत्व में एनएसयूआई ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलगुरु महोदय को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें विश्वविद्यालय परिसर में स्वास्थ्य सेवाओं की तत्काल व्यवस्था की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में हवाबाग महाविधालय से परीक्षा पुस्तिका जमा करने करने आए एक कर्मचारी की तबियत बिगड़ने के बाद समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलने से उसकी दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना ने विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है।
एनएसयूआई ने इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए बताया कि कर्मचारी की तबियत बिगड़ने पर लगभग एक से डेढ़ घंटे बाद एम्बुलेंस पहुंची। परीक्षा विभाग में कोई चिकित्सा सुविधा या आपातकालीन वाहन की व्यवस्था न होने के कारण कर्मचारी को अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका, जिससे उसकी जान चली गई। इस घटना से विश्वविद्यालय प्रशासन की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लापरवाही उजागर होती है।
एनएसयूआई के प्रदेश सचिव अदनान अंसारी कहा कि विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य अधिकारी का पद स्वीकृत है, लेकिन लंबे समय से यह पद रिक्त है। छात्रों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति प्रशासन का यह उदासीन रवैया अत्यंत निंदनीय है। विश्वविद्यालय परिसर में सैकड़ों छात्र-छात्राएं, कर्मचारी और अधिकारी आते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की नियुक्ति अत्यावश्यक है परिसर में हर समय एक एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि आपातकालीन स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके। कर्मचारी की असामयिक मृत्यु से प्रभावित उनके परिवार को वित्तीय सहायता दी जाए ताकि उनका सहयोग किया जा सके।
एनएसयूआई ने कुलगुरु महोदय से इस मामले में तुरंत कदम उठाने और विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य सेवाओं की सुचारू व्यवस्था करने की माँग की है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं न हो सकें
ज्ञापन में मुख्य रूप सेअदनान अंसारी, सागर शुक्ला, एजाज अंसारी, अंकित शुक्ला, राहुल बघेल, शफी खान, आदर्श तोमर, सैफ मंसूरी, योग्य ठाकुर, आर्यन चौधरी, अंकित कोरी, साहिल थॉमस आदि उपस्थित थे।



