अब खत्म हुआ इंतज़ार

” लंबी लाइन थी और भीड़ बेशुमार
देखते ही सबको था चढ़ता बुखार
मंत्रालय ने बनाए अब नियम कुछ नए
खत्म हुआ लाइसेंस पाने का इंतज़ार “
कहते हैं कि समय के साथ सभी चीजों में कुछ न कुछ बदलाव अवश्य आता है। परिवर्तन ही जीवन का नियम है और अगर यह परिवर्तन अच्छे के लिए आए तो सोने पर सुहागा माना जाता है।इसी प्रकार का एक परिवर्तन ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने एवं रिन्यू कराने के क्षेत्र में भी आया है ।वर्षों से चले आ रहे नियमों को संशोधित कर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने लाइसेंस बनवाने एवम रिन्यू करवाने के लिए कुछ नए नियम बनाए हैं,जिनके अंतर्गत ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अब किसी भी आवेदक को आरटीओ( RTO)
अर्थात क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग टेस्ट देने की जरूरत नहीं है ।ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने एवं रिन्यू कराने की प्रक्रिया को बेहद आसान एवं सुगम बनाने का यह एक सुंदर प्रयास माना जा रहा है। मंत्रालय द्वारा नागरिक हित में लिया गया यह फैसला अति प्रशंसनीय भी है।
दोस्तों, लॉकडाउन के समय में काफी लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए खासा लंबा इंतजार करने के साथ साथ नए ड्राइविंग लाइसेंस को अप्लाई करने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।इस प्रकार की दिक्कतों को दूर करने के लिए परिवहन और राज्य राजमार्ग मंत्रालय ने लाइसेंस संबंधी नियमों में कुछ बदलाव किए हैं जो इसी माह की 1 तारीख अर्थात 1 जुलाई 2021 से सभी पर समान रूप से लागू हो चुके हैं। इस नई पॉलिसी में ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए लाइसेंस दफ्तरों के बाहर लंबी लंबी लाइनों में लगकर समय बर्बाद करने एवं पसीना बहाने की कोई जरूरत नहीं होगी ।कुछ लोगों को एजेंट को कमीशन देकर लाइसेंस बनवाने में काफी राशि खर्च करनी पड़ती थी ,अब लोगों को इस समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा।
लाइसेंस बनवाने एवं रिन्यू कराने की इस नई पॉलिसी के अंतर्गत आवेदक किसी भी मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए पंजीकरण करा सकता है जिसमें लाइसेंस के लिए अप्लाई करने वाले व्यक्ति को मान्यता प्राप्त ड्राइवर प्रशिक्षण केंद्र में एक टेस्ट को पास करना होगा ।यदि व्यक्ति इन केंद्रों पर लिए गए उस ड्राइविंग टेस्ट में पास हो जाता है तो उसे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय अर्थात आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने के लिए ड्राइविंग टेस्ट देने से छूट मिल जाएगी। सरकार के इस फैसले के साथ निजी ड्राइविंग प्रशिक्षण स्कूलों एवं केंद्रों की जिम्मेदारियां काफी बढ़ गई हैं।परंतु ध्यान देने वाली बात यह है कि केवल वही निजी ड्राइविंग प्रशिक्षण स्कूल अथवा केंद्र इस दिशा में आगे कार्य करेंगे जिन्हें राज्य परिवहन प्राधिकरण या केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्रदान की गई है ।कहने का तात्पर्य यह है कि छोटे मोटे गली मोहल्ले में खुले हुए ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्रों को यह अधिकार नहीं दिया गया है ।इसलिए जब भी आवेदक लाइसेंस बनवाने अथवा रिन्यू कराएं तो निजी ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्रों की साख एवं मान्यता को देखकर ही लाइसेंस बनाने का कार्य करवाएं।
लाइसेंस प्राप्त
करने की पूरी प्रक्रिया यानि रजिस्ट्रेशन से लेकर रिन्यू कराने की प्रक्रिया, ऑनलाइन हो गई है जिससे सरकार और जनता दोनों को ही अनेक फायदे होंगे इससे समय ,श्रम और पैसे तीनों की काफी बचत होगी।
गौरतलब है कि निजी ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्रों से लाइसेंस प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को ड्राइविंग कोर्स की 29 घंटे की अवधि जिसमें प्रैक्टिकल एवं थ्योरी दोनों से संबंधित ड्राइविंग की मूल बातें सीखनी होंगी ड्राइविंग एवम संबंधित पाठ्यक्रम को ध्यान से ग्राहय करना होगा ।
परिवहन मंत्रालय ने ड्राइवर प्रशिक्षण केंद्रों को मान्यता देने के लिए नए नियमों को अधिसूचित किया है जहां उम्मीदवारों को उच्च गुणवत्ता वाले ड्राइविंग पाठ्यक्रम प्रदान किए जाएंगे और एक बार परीक्षण में पास हो जाने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के समय ड्राइविंग परीक्षण से छूट दी जाएगी।
इन ड्राइविंग ट्रेनिंग केंद्रों पर आवेदकों को ड्राइविंग की छोटी से छोटी बारीकी सिखाई जाएगी जिससे आवेदक भीड़ भाड़ वाली रोड पर भी सुगमता से ड्राइव कर सकें।कहने का मतलब यह है कि आवेदकों को ड्राइविंग के बारे में पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग के 2 पाठ होंगे : थ्योरी एवं प्रैक्टिकल।आवेदक को ड्राइविंग कोर्स शुरू होने की घोषणा के बाद से अधिकतम 1 महीने में ड्राइविंग सीखनी होगी। 1 महीने के इस कोर्स में थ्योरी और प्रैक्टिस दोनों का समावेश होगा ,वहीं भारी वाहनों की ड्राइविंग सीखने के लिए सरकार ने यह समय सीमा थोड़ी बढ़ा दी है ।भारी वाहनों की ड्राइविंग सीखने की अवधि 6 सप्ताह रखी गई है और इस कोर्स में भी प्रैक्टिस और थ्योरी दोनों को रखा गया है ।इसके अलावा इन ड्राइविंग केंद्रों पर सड़क संबंधी सभी नियमों की जानकारी भी दी जाएगी ।
यहां यह बताना आवश्यक है कि इन मान्यता प्राप्त शिक्षण केंद्रों के लिए दी गई मान्यता 5 साल की होगी जिसे उनकी उपलब्धियों के आधार पर आगे भी रिन्यू किया जा सकता है।
उम्मीद जताई जा रही है कि मंत्रालय द्वारा लिए गए इस फैसले से सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं की संख्या में भारी कमी आएगी एवं कुशल एवं दक्ष चालकों की संख्या में वृद्धि होगी।
पिंकी सिंघल
अध्यापिका
शालीमार बाग
दिल्ली



