प्रदेश के 55 जिलों के 70 हजार विधुत कर्मियों ने की हड़ताल,

जबलपुर दर्पण। प्रदेश के 55 जिलों के 70 हजार विधुत कर्मियों ने की हड़ताल, वितरण केंद्रों से लेकर कॉरपोरेट कार्यालय तक सभी अधिकारी कर्मचारियो हड़ताल में रहे शामिल, एस्मा लगने के बाद भी विधुत कर्मी अपने हक के लिए संघर्षरत रहे, हड़ताल में 56 हजार पेंशनर भी रहे शामिल,यदि मांगे नही मानी गयी तो हड़ताल निरन्तर जारी रहेगी,आल इंडिया अभियन्ता संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे ने एक वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया एवं बताया कि आज पूरे देश का विधुत कर्मी मध्य प्रदेश के विधुत कर्मियों के साथ खड़ा है यदि विधुत कर्मियों पर कोई कार्यवाही की तो पूरे देश के विधुत कर्मी आंदोलन करेंगे,
मध्य प्रदेश के विधुत विभाग के प्रमुख संगठन अभियन्ता संघ,यूनाइटेड फोरम,पावर इंजीनियर असोसिएशन के आव्हान पर आज 6अक्टूबर से अनिश्चित कालीन कार्यबहिष्कार के प्रथम दिन 70 हजार विधुत कर्मी, 56 हजार पेंशनर आंदोलन का हिस्सा बनें,विधुत विभाग के कर्मियों द्वारा प्रमुख 8 मांगे सरकार के समक्ष रख रहे थे प्रमुख मांगे -निजीकरण को रोकने, पेंशन सुरक्षा एवं 2005 से नियुक्त कर्मियों को पुरानी पेंशन, सातवे वेतन में ओ3 स्टार कालम को विलोपित करने,संविदा कर्मियों का नियमितीकरण,आउट सोर्स कर्मियों की वेतन वृद्धि एवं 20लाख तक का दुर्घटना बीमा,2018 के बाद कनिष्ठ अभियंता, प्रोग्रामर एवं अन्य कर्मियों की वेतन विसंगति,उच्च शिक्षा प्राप्त कनिष्ठ अभियंता को सहायक अभियंता की नीति,अनुकम्पा नियुक्ति में शासन अनुसार सुधार , इन्ही मांगो को लेकर पूर्व में 28जून को भी कार्यबहिष्कार किया गया था एवं 7जुलाई को प्रमुख सचिव ऊर्जा द्वारा कुछ मांगों पर लिखित में सहमति भी दी थी, परंतु आज दिनांक तक किसी भी मांग को पूरा न कर सरकार ने विधुत कर्मियों के साथ विश्वासघात किया है, एवं पूर्ण रूप से अनदेखा किया है,
कार्यबहिष्कार के दौरान पावर स्टेशन, ओर अन्य कार्यालय में कर्मी ड्यूटी पर 20घंटे से लगातार कार्य कर रहे है जिसकी वजह से कुछ कर्मियों का स्वस्थ खराब हुआ आंदोलनरत कर्मियों ने अस्पताल पहुचाया ,फ्यूज ऑफ काल और मेंटेनेन्स के कार्य अटेंड नही किये गए,सभी ने अपने मोबाइल बन्द रखें, विधुत विभाग के सभी संघठनो द्वारा आम जनता से धैर्य रखने एवं सहयोग करने के लिए आभार व्यक्त किया, परन्तु शासन अपनी हठधर्मिता रखते हुए अभी तक मोन है, जब तक मांगे पूरी नही होती तब तक हड़ताल जारी रहेगी



