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शिकायत के बाद हुई जॉच सील हुआ साहू स्टोन क्रेशर

इन दिनों देखा जा रहा है कि जिले में संचालित स्टोन क्रेशर अपनी लीज से हटकर अवैध उत्खनन एवं ब्लास्टिंग कर रहे हैं। प्रशासन को शिकायत की जा रही है, लेकिन कार्यवाही जिला खनिज अधिकारी उन्हीं पर कर रहे हैं जिनसे उन्हें सहयोग न मिल रहा हो। जबकि मण्डला कलेक्टर अवैधानिक काम करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश लगातार संबंधित विभागों के कर्मचारी अधिकारी को दे रही है। उक्त खबर को लेकर दैनिक जबलपुर दर्पण ने प्रमुखता से प्रकाशित की गई जिससे जिले से लेकर भोपाल तक हडकंप मच गया। और तुरंत कार्यवाही की गयी। जिले में और भी ऐसे अनेक स्टोन क्रेशर संचालित हैं जहां नियम विरूद्ध अंधाधूंद असमय ब्लास्टिंग हो रही हैं साथ ही हैवी मशीनों का प्रयोग कर खनन किया जा रहा है।
मण्डला/नारायणगंज। सोमवार को नारायणगंज के अमदरी में स्थापित साहू स्टोन क्रेशर के विरूद्ध जिला खनिज अधिकारी दिव्येश मरकाम एवं संयुक्त दल के साथ जाकर कार्यवाही की है। इस क्रेशर के उत्खनिज पट्टेदार अभय साहू जिनका खसरा क्रं. 162 रकबा 3.100 हेक्टेयर जिसकी अवधी 8 जनवरी 2016 से 7 दिसम्बर 2025 तक है। खनिज विभाग के द्वारा कार्यवाही करते हुये उक्त क्रेशर को सील किया गया। जानकारी में आया है कि साहू स्टोन क्रेशर के संचालक ने अपनी लीज में ऐसा उत्खनन किया कि क्षेत्र खाई में तब्दील हो गया है, वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि क्रेशर के संचालक द्वारा हैवी ब्लास्टिंग की जाती थी जिसके कारण आस-पास के घरों में दरारें आ गई, वहीं इनके द्वारा क्षेत्र में बेहिसाब अवैध उत्खनन किया गया है कि इनके द्वारा खोदी गई खाई में मूकबधिर जानवर भी काल के गाल में समा रहे ैहैं।
इस क्रेशर के संचालक ने क्षेत्र में ला दी पानी की कमी-अमदरी के ग्रामीणों ने साहू स्टोन क्रेशर के संचालक पर ये भी आरोप लगाया है कि इनके द्वारा कराये गये अवैध उत्खनन से क्षेत्र में पानी की कमी ला दी गई। जल स्रोत समाप्त हो गये यहां तक गिट्टी परिवहन करनेवाले भारी वाहनों ने हमारे पहुंच मार्ग के परखच्चे उड़ा दिये। ग्रामीणों ने कहा कि इस क्रेशर के कारण हमारा जीना दूभर हो गया है साथ ही हमारी आजीविका का साधन खेती किसानी है, लेकिन पानी की कमी के कारण वो भी संकट में आ गई है। अनेको बार इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी को शिकायत की, लेकिन नजराने के बोझतले दबे अधिकारी अपनी आंखे मूंद रखी थी। जब संबंधित विभाग के द्वारा कार्यवाही नहीं की तो हमें मजबूरन मीडिया का सहयोग लेना पड़ा और मीडिया के द्वारा प्रकाशित समाचार हमारा माध्यम बना जिससे हमारी शिकायत कलेक्टर के पास पहुंची तब जाकर कार्यवाही हुई। क्योंकि हमें कलेक्टर पर पूरा भरोसा था कि उन तक हमारी शिकायत पहुंचेगी तो निश्चित कार्यवाही होगी।
वन भूमि भी नहीं रही सुरक्षित वहां भी हुआ है खनन-ग्रामीणों ने बताया कि साहू स्टोन क्रेशर के संचालक ने नजूल की भूमि में तो अवैध उत्खनन किया, लेकिन वनभूमि को भी सुरक्षित नहीं छोड़ा बल्कि वहां भी बेहिसाब अवैध उत्खनन किया गया है। इस संबंध में क्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित अन्य अमला भी साहू स्टोन क्रेशर के नजराने लेकर खुली छूट दे दी जिसका यह नतीजा हुआ कि वन क्षेत्र की भूमि भी सुरक्षित नहीं रही, वहां भी धड़ल्ले से अवैध उत्खनन कर पत्थर निकाल कर क्रेशर में पीस लिये।
जानकारी देने से बच रहे जिला खनिज अधिकारी-उक्त के्रशर में खनिज अधिकारी दिव्येश मरकाम अपने अमले के साथ कार्यवाही करने पहुंचे और क्षेत्र की जॉच की। क्रेशर में की गई कार्यवाही के संबंध में जिला खनिज अधिकारी दिव्येश मरकाम से जानकारी लेने का हर संभव प्रयास किया गया। लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इससे यह साबित होता है कि जिला खनिज अधिकारी संबंधित के्रशर के विरूद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी देने से बच रहे हैं। इसके बाद कलेक्टर मण्डला को अवगत कराया तो उन्होंने जानकारी दी कि उक्त क्रेशर सील करने का आदेश जारी कर दिया है।



